एजेंटी के लिए मारपीट, गोलीबारी के बाद गिरते-पड़ते भागे रेलयात्री

Updated at :18 Jul 2016 9:00 AM
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एजेंटी के लिए मारपीट, गोलीबारी के बाद गिरते-पड़ते भागे रेलयात्री

स्टेशन परिसर में रविवार की सुबह बस स्टैंड का किराया नहीं देने के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गयी. गोलीबारी भी हो गयी. इससे स्टेशन एरिया में दहशत फैल गयी व रेलयात्री इधर-उधर भागने लगे. गया : स्टेशन परिसर के पास बस स्टैंड में रविवार की सुबह एजेंटी का किराया नहीं देने को […]

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स्टेशन परिसर में रविवार की सुबह बस स्टैंड का किराया नहीं देने के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गयी. गोलीबारी भी हो गयी. इससे स्टेशन एरिया में दहशत फैल गयी व रेलयात्री इधर-उधर भागने लगे.
गया : स्टेशन परिसर के पास बस स्टैंड में रविवार की सुबह एजेंटी का किराया नहीं देने को लेकर हुए विवाद में स्टैंड के ठेकेदार अजीत प्रताप सिंह के पक्ष के लोगों व बस मालिक धनंजय शर्मा के लोगों के बीच नोक-झोंक हो गयी. बात इतनी बढ़ गयी कि पीछे से कुछ लोग आये और हवाई फायरिंग शुरू कर दी. बैक टू बैक दो गोली चलते ही हर ओर अफरा-तफरी मच गयी. अपने कामकाज को लेकर वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे. रेल थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में मारपीट होते-होते गोलीबारी भी हो गयी है.
अजीत प्रताप सिंह का पक्ष: ठेकेदार अजीत प्रताप सिंह ने जीआरपी में धनंजय शर्मा के खिलाफ मारपीट व गाेलीबारी करने का अावेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि बस स्टैंड में बस लगा कर सवारी बैठाते हैं, लेकिन एजेंटी नहीं दी जा रही है. यही बात पूछने गया, तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी.
धनंजय शर्मा का पक्ष: धनंजय शर्मा ने ठेकेदार अजीत प्रताप सिंह पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है. उन्होंने पुलिस को दिये आवेदन में कहा है कि अजीत सिंह के लोगों ने मारपीट की.
दो माह पहले भी हुआ था विवाद
एजेंटी के किराया वसूलने को लेकर दो पक्षों में नोक-झोंक हुई थी. लेकिन, दोनों पक्षों के लोग आपस में मिल कर मामला को शांत कर दिया था. आये दिन एजेंटी वसूली को लेकर नोक-झोंक होती रहती है. एजेंटी वसूलने का अधिकारी अजीत प्रताप सिंह का है. लेकिन, किसी निजी व्यक्ति के द्वारा एजेंटी वसूलने का काम किया जाता है. मिली जानकारी के अनुसार, एजेंसी सुबह व शाम में वसूला जाता है. लेकिन, सुबह में जो एजेंटी वसूला जा रहा है. तो कुछ बस चालक एजेंटी का किराया नहीं दे रहे थे. इसपर एजेंटी संचालक व बस चालकों के बीच आपसी ताल-मेल की गयी. इसके बाद एजेंटी किराया वसूलना शुरू हुआ.
दो माह पहले हुआ था बस स्टैंड का टेंडर
जानकारी के अनुसार, दो माह पहले बस स्टैंड का टेंडर हुआ था. 35 लाख से यह टेंडर अजीत प्रताप सिंह के नाम से हुआ. अजीत प्रताप सिंह यूपी के रहनेवाले हैं. लेकिन, कामकाज की देखरेख गया के रहनेवाले उनके सहयोगी ही करते हैं.
स्टेशन परिसर में मची भगदड़
रविवार की सुबह गोली चलने की आवाज सुन कर स्टेशन परिसर में रहे यात्री गिरते-पड़ते इधर-उधर भागने लगे. इससे स्टेशन परिसर में भगदड़ मच गयी. इधर, सुरक्षा बल के जवानों ने यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. गोली की आवाज सुन कर अॉटो व मोटरसाइकिल सहित अन्य वाहन स्टेशन परिसर से बाहर हो गये. कई यात्री तो भारत सेवाश्रम के कार्यालय में घुस गये. यात्रियों को समझ में नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है.
शनिवार को भी हुई थी नोक-झोंक
इधर, रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम एजेंटी वसूलने को लेकर दोनों पक्षों में नोक-झोंक हुई थी. उस समय बात आयी-गयी हो गयी. पर, रविवार की सुबह एजेंटी नहीं देने को लेकर बात आगे बढ़ गयी. मारपीट के बाद गोलीबारी भी हो गयी.
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