बोधगया में बड़ी त्रासदी टली: गैस गोदाम में लगी आग, सैकड़ों सिलेंडरों को बचाने में मैनेजर और गार्ड गंभीर रूप से झुलसे, पटना रेफर

Published by : PRANJAL PANDEY Updated At : 13 May 2026 7:27 PM

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हरिहरपुर स्थित नारायणी गैस एजेंसी के भण्डारण गृह (गोदाम) में 11 मई की देर रात आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया. गोदाम में रखे सैकड़ों गैस सिलेंडरों को आग की चपेट में आने से बचाने के प्रयास में एजेंसी के प्रबंधक (मैनेजर) और एक गार्ड गंभीर रूप से झुलस गए हैं.

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बोधगया. थाना क्षेत्र के हरिहरपुर स्थित नारायणी गैस एजेंसी के भण्डारण गृह (गोदाम) में 11 मई की देर रात आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया. गोदाम में रखे सैकड़ों गैस सिलेंडरों को आग की चपेट में आने से बचाने के प्रयास में एजेंसी के प्रबंधक (मैनेजर) और एक गार्ड गंभीर रूप से झुलस गए हैं. दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.

गार्ड रूम में गैस लीकेज से भड़की आग

जानकारी के अनुसार, मानपुर (सुधा टॉकीज के समीप) स्थित नारायणी गैस एजेंसी का गोदाम बोधगया के हरिहरपुर में है. 11 मई की रात गोदाम के मुख्य गेट पर बने गार्ड रूम में गार्ड दीपक कुमार (निवासी टिकारी थाना क्षेत्र) खाना बना रहा था. इसी दौरान गैस लीकेज के कारण अचानक आग भड़क गई.

सैकड़ों सिलेंडरों को बचाने के लिए जान पर खेले

गार्ड के चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां मौजूद खिजरसराय के महकार गांव निवासी प्रबंधक बबलू कुमार सिंह और अन्य कर्मचारी उसे बचाने दौड़े. आग तेजी से फैल रही थी और पास ही गोदाम में सैकड़ों गैस सिलेंडर रखे हुए थे. एक भीषण त्रासदी की आशंका को देखते हुए प्रबंधक बबलू और गार्ड दीपक ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया और गोदाम ब्लास्ट होने से बच गया, लेकिन इस प्रयास में दोनों बुरी तरह झुलस गए.

पीएमसीएच में लड़ रहे जिंदगी की जंग

स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां चिकित्सकों ने उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया है.

लापरवाही पर उठ रहे सवाल

इस घटना ने गैस एजेंसियों के गोदामों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है. गोदाम परिसर में जहां ज्वलनशील पदार्थों का भारी भण्डारण होता है, वहां खाना बनाने की अनुमति कैसे दी गई? फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस या फायर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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PRANJAL PANDEY

लेखक के बारे में

By PRANJAL PANDEY

मूल रूप से गोपालगंज के रहनेवाले प्रांजल पांडेय के पास पत्रकारिता का 13 वर्षों का विस्तृत अनुभव है. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर से जुड़े प्रांजल, फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग के विशेषज्ञ हैं. इसके अलावा राजनीति, खेल और सिनेमा पर भी इनकी गहरी पकड़ है.

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