रैनबसेरों में ठहरना नहीं चाहते लोग

Updated at :08 Jul 2016 8:24 AM
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रैनबसेरों में ठहरना नहीं चाहते लोग

गया: 10 जून को मुख्यमंत्री के आगमन के दिन नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद द्वारा तीन रैनबसेरों का उद्घाटन किया गया था. इनमें दो गांधी मैदान के पास व तीसरा पंचायती अखाड़ा रेलवे पुल के पास है. इससे पहले इन रैनबसेरों का उद्घाटन 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने भी किया […]

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गया: 10 जून को मुख्यमंत्री के आगमन के दिन नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद द्वारा तीन रैनबसेरों का उद्घाटन किया गया था. इनमें दो गांधी मैदान के पास व तीसरा पंचायती अखाड़ा रेलवे पुल के पास है. इससे पहले इन रैनबसेरों का उद्घाटन 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने भी किया था.

उस वक्त भी जिला प्रशासन द्वारा गरीबों को ठहरने के सारे इंतजाम करने के दावे किये गये थे, लेकिन उद्घाटन के बाद इन रैनबसेरों को गरीबों के लिए एक भी दिन नहीं खोला गया. हां, यह जरूर हुआ कि अतिक्रमणकारियों द्वारा इन रैनबसेरों पर कब्जा कर टायर का पंक्चर बनाने की दुकान जरूर खोल ली गयी. नगर आयुक्त विजय कुमार द्वारा इन रैनबसेरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उनकी तत्काल मरम्मत करा कर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव से तीनों रैनबसेरों का उद्घाटन कराया गया. पर, करीब एक माह गुजरने के बाद भी इन रैनबसेरों में पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं की गयी. नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कहा गया था कि ये रैनबसेरे गरीबों के फाइव स्टार होटल के रूप में काम करेंगे.

रैनबसेरों में बेड, बिछावन के अलावा पंखा व टीवी का इंतजाम करना तय किया गया है. बेड, बिछावन व पंखे तो लगा दिये गये हैं, पर यहां पानी व शौचालय के पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं. इसके साथ ही किचन शेड का इंतजाम भी नहीं हो सका है. गांधी मैदान में एरिया फेडरेशन लेबल की रोजी देवी व शीला देवी ने बताया कि वे सुबह आकर रैनबसेराें को खोल देती हैं. शौचालय में ताला लगा होने के कारण उन्हें भी परेशानी होती है. यहां पर सरकार ने इंतजाम तो किया है, पर सभी यहां सिर्फ पूछने के लिए ही आते हैं, कोई ठहरना नहीं चाहता है.
रैनबसेरों के चलाने की जिम्मेवारी: रैनबसेरों की देखरेख का जिम्मा स्वयं सहायता समूह के एरिया लेबल फेडरेशन को दिया गया है. रैनबसेरा में तीन केयर टेकर व एक प्रबंधक बहाल किया जाना था. इसके साथ ही सुरक्षा के लिए एक कमेटी का गठन करना तय किया गया है. गौरतलब है कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा महिला समूह के एरिया लेबल फेडरेशन को इसे संचालित करने के सौंपा गया है. गांधी मैदान में दो रैनबसेरे एरिया लेबल फेडरेशन की महिलाओं द्वारा खोले जाते हैं, पर शौचालय व पानी के इंतजाम नहीं होने के कारण इन लोगों को परेशानी हो रही है. रैनबसेरे के आगे बने फर्श को देख कर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने उद्घाटन के समय आदेश दिया था कि यहां पर दोबारा काम कराया जाये. इसके साथ ही उन्होंने बाथरूम व किचन को ढंग से बनाने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया था. उन्होंने इस दौरान साफ तौर पर कहा था कि यहां आने वाले लोगों को यह अहसास नहीं हो कि वह किसी दूसरी जगह पर रहने आये हैं.
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