टीबी में लापरवाही एमडीआर का कारण : मधेश्वर राम

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टीबी में लापरवाही एमडीआर का कारण : मधेश्वर रामकहा- टीबी मरीजों के संपर्क में आने से किसी को भी हो सकता है एमडीआर संक्रमण संवाददाता, गयाटीबी एक ऐसी बीमारी है, जिसके चपेट में आने के बाद इसकी रोकथाम कर पाना काफी महंगा साबित होता है. ऐसे में पदाधिकारियों द्वारा लापरवाही किया जाना मरीजों के लिए […]

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टीबी में लापरवाही एमडीआर का कारण : मधेश्वर रामकहा- टीबी मरीजों के संपर्क में आने से किसी को भी हो सकता है एमडीआर संक्रमण संवाददाता, गयाटीबी एक ऐसी बीमारी है, जिसके चपेट में आने के बाद इसकी रोकथाम कर पाना काफी महंगा साबित होता है. ऐसे में पदाधिकारियों द्वारा लापरवाही किया जाना मरीजों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है. ये बातें स्थानीय यक्ष्मा (टीबी) केंद्र में मंगलवार को एसडीपी सह एचआइवी प्रबंधक मधेश्वर राम ने कहीं. उन्होंने कहा कि आज टीबी मरीजों को सही तरीके से देखरेख नहीं होने के कारण बीमारी एमडीआर (मल्टी ड्रग रस्सिटेंस), उसके बाद एक्सडीआर (एक्सटेंसिवली ड्रग रस्सिटेंस ) रूप धारण कर लेता है. इससे मरीजो को काफी परेशानी होती है. इसमें मरीजों की जान जाने का भी खतरा बना रहता है. इस बीमारी से काफी लोगों को जान जा चुकी है. इसकी रोकथाम सावधानी बरत कर किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि एमडीआर संक्रमण टीबी मरीजों के संपर्क में आने से किसी को भी हो सकता है. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार ने बताया कि टीबी की दवाएं सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क दी जाती हैं. छह माह तक के दवा का कोर्स पूरा कर इस बीमारी से निजात पायी जा सकती है. इस मौके पर जाहिद अनवर खान, एसटीएलएस सह अदारा इंडिया के जिला प्रबंधक चंदन कुमार ने एमडीआर संक्रमण के बारे में विस्तार से बताया.

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