गया : डीएल अप्लाई करनेवालों में युवा आवेदक अधिक

Updated at : 02 Oct 2019 8:31 AM (IST)
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गया : डीएल अप्लाई करनेवालों में युवा आवेदक अधिक

गया : एक सितंबर से संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद जिले में ड्राइविंग लाइंसेस बनाने की सभी को जल्दी हो गयी है. जिला परिवहन कार्यालय में हर रोज सैकड़ों लोग डीएल के लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं. जिला परिवहन कार्यालय से मिली रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर महीने में हर […]

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गया : एक सितंबर से संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद जिले में ड्राइविंग लाइंसेस बनाने की सभी को जल्दी हो गयी है. जिला परिवहन कार्यालय में हर रोज सैकड़ों लोग डीएल के लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं. जिला परिवहन कार्यालय से मिली रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर महीने में हर रोज औसतन 350 आवेदन जमा हुए, इसके हिसाब से एक महीने में 10,500 आवेदन यहां जमा हो गये हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों में सबसे अधिक युवा ही हैं. ंकार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक एक महीने में आये आवेदन में 70 प्रतिशत लोगों की उम्र 25-35 के बीच की है.
डीटीओ जनार्दन कुमार के मुताबिक किसी भी शहर में मोटरसाइकिल चलाने वाले सबसे अधिक युवा ही होते हैं. ये या तो रोजगार करने वाले हैं या फिर काॅलेज जाने वाले. ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इस आयु वर्ग के लोगों को अधिक आवेदन आना लाजिमी है. उन्होंने बताया कि इस आयु वर्ग के जो आवेदन आयें उनमें भी सबसे अधिक मोटरसाइकिल चलाने वाले ही हैं.
पीयूसी सर्टिफिकेट के सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क
टू व्हीलर "80
थ्री व्हीलर "100
फोर व्हीलर "120
एलएमवी काॅमर्शियल "200
एचएमवी काॅमर्शियल "500
जो भी आवेदन आ रहे हैं, उनका लर्निंग लाइसेंस बना कर दे दिया जा रहा है. पहले हर रोज सामान्य तौर पर 30-40 आवेदन आया करते थे. सितंबर में हर दिन औसतन 350 आवेदन आये. कुल आवेदकों में सबसे अधिक युवा ही हैं. महिलाओं से भी अनुरोध हैं कि वह भी अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें.
जनार्दन कुमार, डीटीओ, गया
क्या महिलाओं की नहीं होगी डीएल जांच !
पिछले एक महीने से जिला परिवहन कार्यालय में हर रोज आवेदन के लिए लाइन लग रही है. लेकिन इस बीच एक और बात ध्यान देने वाली हैं. चालान कटाने व फोटो खिंचवाने के लिए एक भी महिला कतार में नहीं दिख रही हैं. जिला परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक आये आवेदनों में केवल 1-1.5 प्रतिशत ही आवेदन महिलाओं के हैं.
अब इसमें यह सवाल भी उठता है कि क्या जिले में दो पहिया या चार पहिया चलाने वाली सभी महिलाओं के पास ड्राइविंग लाइसेंस या उन्हें इसकी जरूरत ही नहीं. क्या उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट के तहत होने वाली जांच से मुक्त रखा जायेगा. डीटीओ कहते हैं कि एेसा नहीं है, उन्हें भी लाइसेंस बनाना है. अब महिलाएं क्यों आवेदन नहीं कर रही यह उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है.
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