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गया : बेलागंज में हैं स्वाइन फ्लू के तीन मरीज, इलाज को बनायी कमेटी

Updated at : 15 Feb 2019 7:11 AM (IST)
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गया  :  बेलागंज में हैं स्वाइन फ्लू के तीन  मरीज, इलाज को बनायी कमेटी

आरएमआरआइ) से स्वाइन फ्लू की जारी रिपोर्ट में पॉजिटिव आये तीनों मरीज बेलागंज के बेल्हाड़ी गांव के हैं. इनमें एक 10 साल का बच्चा, एक 13 साल की बच्ची और एक 45 साल की महिला हैं. इन तीनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. सिविल सर्जन डाॅ राजेंद्र प्रसाद ने इन तीनों के […]

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आरएमआरआइ) से स्वाइन फ्लू की जारी रिपोर्ट में पॉजिटिव आये तीनों मरीज बेलागंज के बेल्हाड़ी गांव के हैं. इनमें एक 10 साल का बच्चा, एक 13 साल की बच्ची और एक 45 साल की महिला हैं. इन तीनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है.

सिविल सर्जन डाॅ राजेंद्र प्रसाद ने इन तीनों के बेहतर इलाज व बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है. सिविल सर्जन कार्यालय से जारी आदेश में गैर संचारी रोग चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ फिरोज अहमद, संचारी रोग चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ पंकज कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण अस्पताल प्रयोगशाला के रजनीश कुमार, जय प्रकाश नारायण अस्पताल की दो जीएनएम प्रीति कुमारी व शिल्पी कुमारी को कमेटी में रखा गया है.

सिविल सर्जन ने कमेटी को तीनों बीमार लोगों का उपचार करने व उसकी डेली रिपोर्ट देने को कहा है.उन्होंने कहा है कि चिकित्सा कमेटी अपने साथ प्रोटेक्टिव किट, थ्री लेयर मास्क व स्वाइन फ्लू से संबंधित दवा ले कर ही इलाज करने जायेंगे.

सिविल सर्जन ने बताया कि इन तीनों मरीजों को गया मुख्यालय लाकर अस्पताल में भर्ती करने को कहा गया था, लेेकिन ये लोग आने को तैयार नहीं है. ऐसे में इनके घर में आइसोलेशन रूम तैयार कर दिया गया है और 10 दिनों की दवा दे दी गयी है.

स्वाइन फ्लू क्या है : H1N1 इन्फ्ल्यूएंजा या स्वाइन फ्लू दरअसल चार वायरस के संयोजन के कारण होता है. आम तौर पर इस वायरस के वाहक सूअर होते हैं. यही वजह है कि इसे स्वाइन फ्लू या ‘सुअर फ्लू’ भी कहा जाता है. पहले यह जानवरों के लिए घातक नहीं था और न ही कभी इसने इंसानों को प्रभावित किया.
लेकिन जब से इस विषाणु का उत्परिवर्तन हुआ है, इस फ्लू ने महामारी का रूप धारण कर लिया है, क्योंकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल रहा है. जोखिम का विषय यह है कि एक नया वायरस स्ट्रीम बन जाने के कारण कोई भी इससे अप्रभावित नहीं है. लिहाजा प्रत्येक व्यक्ति इस संक्रमण के प्रति संवेदनशील है.
बचाव और रोकथाम
खांसते या छींकते वक्त चेहरे को टिश्यू पेपर से ढक कर रखें.
टिश्यू पेपर को सही तरीके से फेंकें या नष्ट करें.
हाथों को हैंड सेनिटाइजर से ही साफ करें.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
बुखार, खांसी, सिरदर्द, कमजोरी, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना. शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य फ्लू के जैसे ही होते हैं. लेकिन,लापरवाही बरतने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं.
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