डीएम के निर्देश के बाद खुला गोलपत्थर बिजली कार्यालय

Updated at : 08 Jul 2018 2:35 AM (IST)
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डीएम के निर्देश के बाद खुला गोलपत्थर बिजली कार्यालय

गया : डीएम के निर्देश के बाद शनिवार की देर शाम गोलपत्थर बिजली कार्यालय का ताला तोड़ दिया गया. शाम में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एसबीपीडीसीएल के अधिकारियों ने यहां इंडिया पावर की ओर से लगाये गये तालों को तोड़ कार्यालय खोल दिया. डीएम ने शहर व आस-पास के हर उस कार्यालय को खोलने का […]

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गया : डीएम के निर्देश के बाद शनिवार की देर शाम गोलपत्थर बिजली कार्यालय का ताला तोड़ दिया गया. शाम में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एसबीपीडीसीएल के अधिकारियों ने यहां इंडिया पावर की ओर से लगाये गये तालों को तोड़ कार्यालय खोल दिया. डीएम ने शहर व आस-पास के हर उस कार्यालय को खोलने का आदेश जारी किया है, जहां इंडिया पावर ने ताला लगा रखा है.
एसबीपीडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को सभी कार्यालयों का ताला तोड़ दिया जायेगा. गौरतलब है कि एसबीपीडीसीएल द्वारा यहां की बिजली व्यवस्था चार जुलाई आधी रात से ले ली गयी. इसके बाद से ही एसबीपीडीसीएल और इंडिया पावर के बीच विवाद बढ़ गया.
दोनों ओर के कर्मचारियों ने कार्यालयों में अपना-अपना ताला लगा दिया. इसके बाद एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक आर लक्ष्मणन ने डीएम अभिषेक सिंह को इंडिया पावर के करार रद्द किये जाने और एसबीपीडीसीएल द्वारा व्यवस्था अपने हाथ लिये जाने संबंधी कागजात भेजे और बिजली कार्यालयों में एसबीपीडीसीएल को प्रवेश कराने का अनुरोध किया. इसके बाद डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया.
आगे से नहीं होगी समस्या
इधर, इस मामले में एसबीपीडीसीएल के अधीक्षण अभियंता विजय श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी पूरी टीम इस कोशिश में लगी है कि लोगों को परेशानी नहीं हो. धीरे-धीरे सभी चीजें सुचारु हो जायेंगी. उन्होंने कहा कि आगे से लोगों की शिकायतें भी खत्म हो जायेंगी. गौरतलब है कि दो दिन पहले गया पहुंचे एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक आर लक्ष्मणन ने कहा था कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना ही पहली प्राथमिकता है. उन्होंने दावा किया था कि सरकारी स्तर पर शहर की बिजली व्यवस्था और भी बेहतर होगी.
सोशल मीडिया पर छिड़ी है बहस
गया : इंडिया पावर के जाने और एसबीपीडीसीएल के आने को लेकर पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. इंडिया पावर के जाने से खुश और एसबीपीडीसीएल के आने से दुखी लोगों की अपनी- अपनी दलीलें हैं. एक वर्ग कह रहा है कि इंडिया पावर के जाने से बहुत अच्छा हुआ है. इन लोगों के मुताबिक इंडिया पावर ने इन चार सालों में लोगों का खूब आर्थिक दोहन किया है. लोगों को परेशान किया है. ये लोग इंडिया पावर का जाना शहर के लिए अच्छा बता रहे हैं.
दूसरी ओर एक वर्ग वह भी है जो एसबीपीडीसीएल के आने से दुखी है. इन लोगों का कहना है कि सरकारी व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का कोई भरोसा नहीं है. बिजली की पूरी व्यवस्था चौपट हो जायेगी. एक उपभोक्ता तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर यहां तक लिख डाला कि जरूरत पड़ी तो वह इंडिया पावर के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में गवाही तक देंगे. कुल मिला कर तीन दिनों से फेसबुक, व्हाट्स एप समेत अन्य सोशल प्लेटफाॅर्म पर लंबी बहस जारी है.
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