डेडलाइन समाप्त, काम का पता नहीं , बड़े-बड़े वादे कर भूल जाते हैं वरीय अधिकारी

Published at :09 Jun 2018 6:34 AM (IST)
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डेडलाइन समाप्त, काम का पता नहीं , बड़े-बड़े वादे कर भूल जाते हैं वरीय अधिकारी

गया : गया रेलवे स्टेशन को ए-वन स्टेशन का दर्जा 2015 में मिला था. खास बात यह है कि रेलवे द्वारा ए-वन का दर्जा तो दे दिया गया पर वह ए-वन जैसी सुविधाएं रेल यात्रियों को कराना भूल गया. हालांकि निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरीय अधिकारी बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन, जब उन वादों […]

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गया : गया रेलवे स्टेशन को ए-वन स्टेशन का दर्जा 2015 में मिला था. खास बात यह है कि रेलवे द्वारा ए-वन का दर्जा तो दे दिया गया पर वह ए-वन जैसी सुविधाएं रेल यात्रियों को कराना भूल गया. हालांकि निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरीय अधिकारी बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन, जब उन वादों को पूरा करने का समय आता है तो वह पीछे हट जाते हैं या फिर तकनीकी वजह का राग अलापते हैं.
गया रेलवे स्टेशन पर चल रही सभी विकास की योजनाएं निर्माण कार्य पूरा करने की तय समय सीमा पार चुकी हैं. रेलवे अधिकारियों की उदासीनता के कारण रेल यात्रियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है. सभी प्रोजेक्ट वर्ष 2015 में शुरू हुई थीं लेकिन वर्ष 2018 के पांच महीने बीत जाने के बाद भी एक भी योजना का काम पूरा नहीं किया जा सका है. कुछ अधर में हैं तो कुछ योजनाएं फाइल में हैं और कुछ शुरू किये जाने के इंतजार में है.
योजना-01
गया रेलवे स्टेशन पर स्थित एफसीआई के पास मजदूर आश्रम बनाया जाना था. इस काम के लिए 2016 के सितंबर में सर्वे किया गया था. सर्वे का नेतृत्व एरिया मैनेजर संदीप कुमार ने किया था. उन्होंने बताया था कि 2018 तक मजदूर आश्रम बन कर तैयार हो जायेगा. लेकिन, ऐसा अबतक कुछ नहीं हुआ. बताया जाता है कि मुगलसराय मुख्यालय से आवंटन नहीं होने के कारण यह काम रोक दिया गया. यह काम मार्च 2018 तक पूरा किया जाना था. ऐसे में कई बार निरीक्षण हुआ और जल्द काम होने का आश्वसन भर मिला.
योजना-02
गया रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी के सामने नया रिजर्वेशन काउंटर खोलने की बात तीन साल पहले हुई थी.तीन साल पहले जीएम ने निरीक्षण के दौरान कहा था कि रेलयात्रियों को नये रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा मिलेगी. तीन साल बीतने वाला है लेकिन, रिजर्वेशन काउंटर बन कर तैयार नहीं हुआ है. बताया जाता है कि वर्ष 2015 अप्रैल में काम शुरू हुआ था. छह करोड़ रुपये की लागत से काउंटर तैयार किया जाना था, जो आज भी अधूरा है.
योजना-03
रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी के पीछे पार्सल ऑफिस के पास शव गृह बनाने के लिए जमीन चिह्नित की गयी थी. 2013 में यह योजना बनायी गयी थी. लेकिन, आज तक काम शुरू नहीं हुआ है. शव गृह बनाने के लिए पूर्व रेल एसपी जितेंद्र मिश्रा ने जीएम, डीआरएम, एडीआरएम, वरीय मंडल अभियंता सहित अन्य रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखा था. इस मामले को लेकर रेलवे अधिकारियों से बातचीत भी की लेकिन, आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला.
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