बिहार के वकील और जज देश के अन्य हाइकोर्ट से काफी बेहतर, जानिए जस्टिस करोल ने क्यों कही यह बात

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Mar 2023 12:07 AM

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बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ए अमानुल्लाह को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने के बाद यह सम्मान समारोह का आयोजित किया था. जस्टिस संजय क़रोल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें बिहार की पावन धरती पर आने का मौक़ा मिला .

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पटना. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय करोल ने कहा कि भले ही मेरा जन्म हिमाचल प्रदेश में हुआ है और मैंने वहीं से वकालत की शुरुआत की है लेकिन मैं अपने को बिहारी ही मानता हूं . बिहार के वकील और यहां के जज देश के अन्य हाइकोर्ट से काफी बेहतर और अच्छे हैं . मैं जितना दिन बिहार में रहा मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं अपने प्रदेश से बाहर हूं क्योंकि यहां वकीलों और जजों का सहयोग मुझे लगातार मिलता रहा है. ये बातें जस्टिस करोल बिहार स्टेट बार काउंसिल के तत्वाधान में आयोजित सम्मान समारोह में कहीं.

बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ए अमानुल्लाह को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने के बाद यह सम्मान समारोह का आयोजित किया था. जस्टिस संजय क़रोल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें बिहार की पावन धरती पर आने का मौक़ा मिला . बिहार के लोगों से जुड़ाव की अनुभूति जीवनपर्यंत उनके साथ रहेगी. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने का सफर उन्हें गर्व दिलाते रहेगा है कि वह बिहार से आये हैं . उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार के दो जज मैं और जस्टिस अमानुल्लाह सुप्रीम कोर्ट में है और दोनों व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ताकि बिहार का नाम सुप्रीम कोर्ट में बुलंद रह सके.

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस ए अमानुल्लाह ने समारोह में कहा कि उन्हें बिहारी होने पर गर्व है . उन्होंने कहा कि विहार में ही उन्होंने वकालत की शुरुआत की और यही से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर उन्होंने तय किया . बिहार के लोगों में जो अपनापन है उसकी तुलना कहीं नहीं की जा सकती .

पटना हाइकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह ने जस्टिस संजय क़रोल एवम जस्टिस ए अमानुल्लाह के योगदान की तारीफ़ करते हुए कहा कि जस्टिस क़रोल ने उन्हें नेतृत्व करना सिखाया है . उन्होंने जस्टिस अमानुल्लाह की कड़ी मेहमत की सराहना करते हुए कहा कि वे पटना हाई कोर्ट के सबसे मेहनती न्यायाधीशों में से एक थे जो देर तक अपना कार्य निपटा कर ही घर जाते थे .उन्होंने कहा कि यह बिहार का सौभाग्य ही है की पटना हाईकोर्ट से दो दो जज एक साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनाए गये.

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों को सम्मानित करते हुए कहा कि जस्टिस क़रोल एवम जस्टिस अमानुल्लाह ने हाई कोर्ट में कई ऐसे महत्वपूर्ण एवम ऐतिहासिक निर्णय दिया हैं जो न्यायपालिका के स्वर्णिम इतिहास में लिखा जायेगा. उन्होंने कहा कि इनके द्वारा किए गए कार्यों की जितनी भी सराहना की जाय वह कम ही होगा . मिश्र ने कहा कि बिहार के जजों एवम वकीलों में बेहद ही सौहार्दपूर्ण माहौल है जो देश के अन्य हिस्सों में देखने के लिए नहीं मिलता है. शायद यही वजह है कि यहां के अधिवक्ता जजों के खिलाफ आंदोलन नहीं करते हैं.

बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा ने संजय क़रोल की तारीफ़ करते हुए कहा कि वे ऐसे पहले मुख्य न्यायाधीश रहे हैं जिन्होंने बिहार के प्रत्येक जिलों में स्वयं जाकर भ्रमण किया है , और बिहार के लोगों की तकलीफ को समझा है . उन्होंने कहा कि जस्टिस क़रोल ने लोकहित याचिकाओं पर कई अहम आदेश पारित कर बिहार की प्रगति में अपना योगदान दिया है.

शर्मा ने जस्टिस अमानुल्लाह की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने बतौर जज एक बेहतरीन कार्य किया है ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्ति वाले व्यक्ति बहुत ही कम देखे जाते हैं . मालूम हो कि पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और पटना हाइकोर्ट के वरीय न्यायाधीश अमानुल्लाह को पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था. समारोह का आयोजन पटना के एक स्थानीय होटल में किया गया था.

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