बिहार में तीन पूर्व आइएएस अफसरों की मुश्किलें बढ़ी, निगरानी कोर्ट ने दी केस चलाने की अनुमति

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जिन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनमति दाखिल किया उनमें मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी केपी रमैय्या, एसएस राजू व रामाशीष पासवान शामिल हैं.

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पटना. निगरानी के विशेष जज मनीष द्विवेदी की अदालत में निगरानी अंवेषण ब्यूरो द्वारा करोडों रुपये के महादलित विकास मिशन योजना में गबन के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति प्राप्त कर दाखिल किया.

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जिन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनमति दाखिल किया उनमें मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी केपी रमैय्या, एसएस राजू व रामाशीष पासवान शामिल हैं.

निगरानी ने 30 अक्तूबर 2017 को मामला दर्ज कर अपने अनुसंधान में पाया कि महादलित विकास मिशन के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महादलित छात्रों को भी ट्रेनिंग करने की व्यवस्था थी, लेकिन उसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतते हुए गबन किया गया था.

निगरानी ने अनुसंधान के बाद उक्त तीनों आइएएस पदाधिकारियों समेत दस के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल की थी. आरोप पत्र के साथ अभियोजन चलाने की स्वीकृति नहीं थी. स्वीकृति मिलने के बाद विशेष कोर्ट उस मामले में तीन पदाधिकारियों के खिलाफ संज्ञान लेगा.

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