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मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद खुद बीमार हुई डायल 112 की गाड़ी, धक्का मार ले जाने का वीडियो वायरल

Updated at : 20 Apr 2025 9:13 PM (IST)
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सांकेतिक फोटो

सांकेतिक फोटो

हाजीपुर: पुलिस कर्मियों द्वारा डायल 112 की गाड़ी का धक्का लगाते वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो सदर अस्पताल का बताया जा रहा है. किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद डायल 112 की गाड़ी ही बीमार पड़ गयी.

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हाजीपुर. जिले में किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में क्विक रिस्पांस के साथ मौके पर पहुंचने वाली डायल 112 की गाड़ी को ही पुलिसकर्मियों को धक्का लगाकर ले जाना पड़ रहा है. पुलिस कर्मियों द्वारा डायल 112 की गाड़ी का धक्का लगाते वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो सदर अस्पताल का बताया जा रहा है. किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद डायल 112 की गाड़ी ही बीमार पड़ गयी. वैन पर तैनात पुलिस कर्मी ने उसे स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया, लेकिन वैन स्टार्ट नहीं हो सकी. वहीं, सदर अस्पताल में लोग तमाशा देखते रहे. हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टी प्रभात खबर नहीं करती है.

घायल को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद स्टार्ट ही नहीं हुई गाड़ी

वायरल वीडियो के संबंध में बताया गया कि महुआ थाना क्षेत्र के बेलकुंडा चौक के पास बाइक से गिरकर घायल महिला रानी पोखर गांव निवासी अभिषेक कुमार की पत्नी नीलू कुमारी को इलाज के लिए डायल 112 की पुलिस लेकर सदर अस्पताल आयी थी. घायल को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वापस जाने के लिए जैसे ही चली की गाड़ी स्टार्ट ही नहीं हुई. चालक के काफी प्रयास करने के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होने पर उसपर सवार पुलिस कर्मियों ने कई बार उसमें धक्का लगाया. काफी मशक्कत के बाद गाड़ी स्टार्ट हो सकी जिसके बाद पुलिस अपने गंतव्य के लिए निकल सकी.

पुलिस की व्यवस्था पर लोग उठा रहे सवाल

सदर अस्पताल में लोगों ने बताया कि जिले में डायल 112 की पुलिस को क्विक रिस्पांस के साथ मौके पर पहुंचने के लिए जाना जाता है, लेकिन पुलिस विभाग के द्वारा नियमित तौर पर वैन की देख-रेख एवं रख रखाव पर ध्यान नहीं देने के कारण वैन की स्थिति जर्जर हो रही है. मालूम हो कि पहले जिले के एसपी पुलिस लाइन में प्रत्येक सप्ताह पुलिस वैन का परेड करा कर उसकी स्थिति की जानकारी लेते थे. वहीं बेहतर रख-रखाव करने वाले वैन चालक को पुरस्कृत किया जाता था. इससे पुलिस कर्मियों को किसी इमरजेंसी सूचना पर मौके पर पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी. लोग पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे थे.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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