हाइकोर्ट के आदेश के 24 घंटे बाद भी नेपाली नगर में बहाल नहीं हो सकीं सुविधाएं, बिजली-पानी को तरस रहे लोग

पटना हाइकोर्ट ने बुधवार को नेपाली नगर के कंचनपुरी के लोगों को बिजली- पानी की सुविधा 24 घंटे में बहाल करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद यहां गिरे बिजली के पोल को अब तक खड़ा नहीं किया जा सका है और न ही उसके केबल नेटवर्क को दुरुस्त किया जा सका है.
पटना. पटना हाइकोर्ट ने बुधवार को नेपाली नगर के कंचनपुरी के लोगों को बिजली- पानी की सुविधा 24 घंटे में बहाल करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद यहां गिरे बिजली के पोल को अब तक खड़ा नहीं किया जा सका है और न ही उसके केबल नेटवर्क को दुरुस्त किया जा सका है. इससे एक बड़ेक्षेत्र में बिजली की आपूर्ति गुरुवार देर शाम तक नहीं हो सकी थी.
भीषण गर्मी में पंखा- कूलर नहीं चलने से लोग परेशान रहे. सार्वजनिक पेयजल पाइपलाइन नहीं विकसित होने से इस क्षेत्र के लोग पानी के लिए शुरू से ही निजी बोरिंग और मोटर पंप पर आश्रित रहे हैं. ऐसे में बिजली नहीं होने से मोटरपंप को चलाना संभव नहीं रह गया है और पानी की कमी भी भीषण समस्या बन गयी है.
जिन लोगों के घर के पास के बिजली के पाेल गिर गये हैं, उनमें से कुछ लोग गुरुवार को मिस्त्री बुलवाकर दूर पोल से तार खिंचवाते दिखे. कुछ ने पास के घर के साबूत मीटर से कनेक्शन जोड़ कर बिजली चालू की. लेकिन, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे, जिनके घर के आसपास के सभी बिजली के पाेल गिर चुके थे और अपने संसाधनों के बूते उनके लिए बहुत दूर के पाेल से बिजली का तार खिंचवाना संभव नहीं था. कुछ ने पेसू से बिजली बहाल करने का आग्रह भी किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ.
अपने-अपने घर के टूटे पाइप और उखड़े नल को दुरुस्त करवाते भी लोग दिखे. इसके लिए कई लोगों ने प्लंबर को बुलवाया था, जो उनके घरों की टंकी की फिटिंग व पाइपलाइन को ठीक करने में लगे थे. हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे घर भी दिखे, जहां घर ढाहने के क्रम में पानी की टंकी को भी तोड़ दिया है. ऐसे घरों के लोग पानी के लिए आसपास के ऐसे घर पर निर्भर दिखे, जिन्होंने किसी तरह बिजली कनेक्शन का जुगाड़ कर और मोटर को दुरुस्त कर पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने में सफलता हासिल की है.
कई लोगों ने हमसे नल लगाने व पाइप ठीक करने के लिए कहा है. अधिकतर घरों में नल खोल कर चोर ले गये हैं. , जबकि पानी की टंकी और पाइप को जेसीबी ने तोड़ दिया है.
– बीरन पासवान, प्लंबर
पीने का पानी तो बाहर से भी ले आते हैं, पर नहाने व नित्यक्रिया के लिए पानी की व्यवस्था मुश्किल हो गयी है. आसपास कोई चापाकल नहीं है और बिना बिजली के मोटरपंप चल नहीं रहा है.
-संगीता देवी
आसपास के बिजली के सभी पोल गिर चुके हैं. चाहकर भी कहीं से तार खींच नहीं सकते हैं. बिजली नहीं होने से मोटर भी नहीं चल रहा है. पीने के पानी की दिक्कत हो गयी है. उसे बाहर से लाना पड़ता है.
-रिंकू देवी
कई बार पेसु के स्थानीय अधिकारियों को बिजली बहाली का उपाय करने के लिए कहा, लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं है. भीषण गर्मी को बिना बिजली पानी के झेलना बेहद मुश्किल हो रहा है.
-निवास कुमार
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By Prabhat Khabar News Desk
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