नए राशन कार्ड अभियान से बढ़ी परेशानी, आपूर्ति पदाधिकारी कल से काला बिल्ला लगाकर करेंगे विरोध
प्रतीकात्मक तस्वीर
बिहार में राशन कार्ड बनाने के लक्ष्य और संसाधनों की कमी के विरोध में आपूर्ति पदाधिकारी 26 अगस्त तक काला बिल्ला लगाकर करेंगे प्रदर्शन। जानें पूरी खबर।
Darbhanga News: नए राशन कार्ड बनाने के अभियान में सीमित समय और संसाधनों की कमी से आपूर्ति अधिकारियों की परेशानी बढ़ गयी है. बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. संघ के अनुसार अधिकारियों को बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन पर्याप्त मानव संसाधन, कंप्यूटर, स्कैनर, इंटरनेट, वाहन और कार्यालयी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 20 से 26 अगस्त तक आपूर्ति पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे. इसके बाद सामूहिक अवकाश और हड़ताल की चेतावनी दी गयी है.
30 दिन की वैधानिक अवधि, तीन दिन में जांच का दबाव
संघ ने कहा कि राशन कार्ड जारी करना लोक सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित सेवा है. इसके लिए 30 दिनों की अवधि निर्धारित है. इसके बावजूद अभियान के तहत स्थलीय जांच, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी की जांच और अनुमंडल पदाधिकारी के निर्णय के लिए काफी कम समय निर्धारित किया गया है.
संघ के अनुसार एक दिन में स्थलीय जांच के साथ पात्रता और अपात्रता से जुड़े सभी मानकों की जांच करना व्यावहारिक रूप से कठिन है. नए राशन कार्ड बनाने के लक्ष्य को लेकर भी संघ ने सवाल उठाया है.
ई-केवाईसी और तकनीकी खामियों से बढ़ी परेशानी
संघ के अनुसार डीलरवार लंबित ई-केवाईसी की सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकारियों को लाभुकों को खोजकर ई-केवाईसी कराने में परेशानी हो रही है. स्मार्ट, पीडीएस और आरसीएमएस एप्लीकेशन में तकनीकी समस्याओं के कारण भी आवेदन और राशन कार्ड निर्गमन प्रभावित हुआ है.
संघ का दावा है कि 11 जुलाई से पांच अगस्त के बीच 21,150 आवेदन दर्ज किये गये, जबकि 13 से 29 जुलाई के बीच मात्र 2,500 राशन कार्ड निर्गत किये जा सके.
अधिकारियों पर अपनी जेब से खर्च करने का आरोप
बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने आरोप लगाया कि राशन कार्ड से संबंधित कार्यों में प्रिंटिंग, क्षेत्र जांच और वाहन का खर्च भी अधिकारियों को अपनी जेब से करना पड़ रहा है. अधिकारियों से देर रात तक काम लिये जाने की बात भी संघ ने कही है.
प्रखंड कार्यालयों में कुर्सी, टेबल, अलमारी, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी दावा किया गया है.
रिक्त पद भरने समेत कई मांगें
संघ ने आपूर्ति निरीक्षकों के प्रोन्नति पे-लेवल में वृद्धि, करीब 200 रिक्त पदों को भरने, संवर्ग पुनर्गठन और प्रखंड कार्यालयों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की मांग की है.
इसके अलावा आपूर्ति निरीक्षक का पदनाम बदलकर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी करने, राजपत्रित दर्जा देने तथा डीडीओ की शक्ति प्रदान करने की मांग भी रखी गयी है.
संघ ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से लिखित निर्णय और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के बाद आंदोलन स्थगित करने पर विचार किया जा सकता है.
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