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Darbhanga News:हराही एवं दिग्घी पोखर को प्रदूषित करने को लेकर दरभंगा रेलवे पर 1. 61 करोड़ का जुर्माना

Updated at : 18 Sep 2024 11:32 PM (IST)
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Darbhanga News :

Darbhanga News:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के आलोक में बिहार राज्य पोल्यूशन बोर्ड द्वारा गठित कमेटी ने हराही एवं दिग्घी पोखर को प्रदूषित करने को लेकर दरभंगा रेलवे पर एक करोड़ 61 लाख 12 हजार 500 रुपये का जुर्माना किया है.

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Darbhanga News:दरभंगा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के आलोक में बिहार राज्य पोल्यूशन बोर्ड द्वारा गठित कमेटी ने हराही एवं दिग्घी पोखर को प्रदूषित करने को लेकर दरभंगा रेलवे पर एक करोड़ 61 लाख 12 हजार 500 रुपये का जुर्माना किया है. साथ यह अनुशंसा की है कि दरभंगा रेलवे अपना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगावे.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने एक अगस्त 2024 के आदेश में दरभंगा रेलवे स्टेशन को प्रदूषक माना है. इसी आदेश के आलोक में बिहार स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड, पटना ने यह जुर्माना तय किया है. यह जुर्माना एक अगस्त 2021 से नौ सितंबर 2024 तक कुल 1289 दिन के प्रदूषण की गणना कर किया गया है.

तालाबों का पानी पूरी तरह से हो चुका प्रदूषित

बता दें कि दरभंगा स्टेशन से लगे शहर के दो मुख्य तथा ऐतिहासिक पाेखर हराही और दिग्घी का पानी पूर्णत प्रदूषित हो गया है. पिछले कई वर्षों से प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनों की सफाई-धुलाई का पूरा कचरा स्टेशन से सटे हराही और दिग्घी पोखर में बहाया जा रहा है. अंदरूनी तौर पर जुड़े गंगासागर पोखर पर भी इसका असर देखा जा रहा है. तीनों पोखर का पानी इससे प्रदूषित हो रहा है. हराही पोखर से उठ रहे असहनीय दुर्गंध के कारण वर्तमान में वहां से गुजरना आसान नहीं होता. लोगों को नाक बंद कर लेता पड़ता है. पानी विषैला होने के कारण सैकड़ों तरह के जलीय जीव और मछलियां इन तालाबों से विलुप्त हो चुकी है.

तालाब बचाओ अभियान ने निर्णय का किया स्वागत

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्र ने तालाब बचाओ अभियान की ओर से पैरवी की थी. ट्रिब्यूनल की नजर में यह सत्यापित किया कि दरभंगा रेलवे प्रदूषक है. इस आदेश तथा अनुशंसा का तालाब बचाओ अभियान के सदस्य एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है. नारायणजी चौधरी, डॉ विद्यानाथ झा, डॉ आरबी खेतान, डॉ विनय कुमार मिश्र, अजित कुमार मिश्र, इंदिरा कुमारी, उमेश राय, मो. तासीम नवाब, प्रो. एसएन चौधरी, डॉ अशोक कुमार सिंह, बबलू गुप्ता आदि ने इसे अभियान की बड़ी जीत बताया. साथ ही अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का संकल्प लिया है. कहा कि दरभंगा ही नहीं संपूर्ण बिहार के जलाशयों को बचाने का संगठन का अभियान जारी रहेगा.

हराही, दिग्घी एवं गंगासागर पोखर का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

शहर के गंगासागर, दिग्घी और हराही पोखर 800 से 900 वर्ष पुराना है. गंगासागर को राजा गंगसिंह देव (1136-48), दिग्घी को राजा रामसिंह देव (1225-1276) और राजा शक्रसिंह देव (1276-1303) एवं हराही को राजा हरिसिंह देव (1303-1324) ने खुदवाया था. ये सभी कर्णाटवंशीय राजा हैं. इनके पूर्वज राजा नान्यसिंह देव कर्नाटक से मिथिला आये थे. इन तालाबों पर जन्म से लेकर मृत्यु तक के कई धार्मिक, सांस्कृतिक कर्म एवं पूजा-पाठ होता आया है. 1868 में प्रकाशित रिआज-ए-तिरहुत के अनुसार इन तालाबों के पास लोग लोग टहलने, हवा खाने और सैर करने आते थे. छठ पूजा पर शहर में सबसे श्रद्धालु हराही पोखर पर जुटते हैं.

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