Darbhanga News:दरभंगा. हत्या जैसे संगीन मामले का पांच माह बाद भी उद्भेदन नहीं होना, कमतौल थाना की पुलिस की गैर संजीदगी को दर्शाता है. हत्यारों की गिरफ्तारी की बात तो दूर, कारण तक का पता पुलिस नहीं लगा सकी है. हत्या, लूट आदि संगीन घटनाओं की जिलास्तर पर लगातार समीक्षा की जाती है. वरीय पुलिस अधिकारी समीक्षा करते हैं. बावजूद कुलदीप यादव हत्याकांड का अभी तक उद्भदेन नहीं हो सका है. घटना के बाद पुलिस का कहना था कि बदमाशों ने पंपसेट की चोरी के मकसद से कांड को अंजाम दिया है. हालांकि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भी पंपसेट की चोरी नहीं हुई. इसे देखते हुए पुलिस की यह थ्योरी पूरी तरह समझ से बाहर है. इधर, चर्चा है कि कुलदीप यादव जिस पंपसेट पर सो रहे थे, वहां बगल में स्थित एक गाछी में तस्करों का जुटान होता था. इसकी जानकारी कमलेश को हो गयी थी. इस वजह से बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया होगा. पांच माह बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोग कमतौल थाना की पुलिसिंग पर सवाल उठा रहे हैं.
पंपसेट की सुरक्षा के लिए वहां सो रहे थे कुलदीप
बता दें कि 22 दिसम्बर की रात पंपसेट की सुरक्षा के लिए राढ़ी पूर्वी पंचायत के कुम्हरौली निवासी कुलदीप यादव की बोरिंग पर सो रहे थे. धारदार हथियार से हत्या के बाद अपराधियों ने कुलदीप के शव को पुआल की ढेर पर रखकर कंबल से ढक दिया था. अहले सुबह खून से सना शव पुलिस ने बरामद किया था. सूचना पर सिटी एसपी के अलावा सदर एसडीपीओ टू व कमतौल थाना की पुलिस वहां पहुंची थी. फॉरेसिंक टीम को भी बुलाया गया था. एफएसएल, डॉग स्क्वायड व टेक्निकल टीम का भी सहयोग लिया गया था. घटना के दूसरे दिन मृतक के पुत्र सरोज कुमार के बयान पर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. आवेदन में कहा गया था कि पिता की किसी से दुश्मनी नहीं थी.कहते हैं थानाध्यक्ष
अनुसंधान चल रहा है. पुलिस कई बिन्दुओं पर जांच कर रही है. जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.संजीव कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष, कमतौल
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