खाड़ी संकट और भारतीय विदेश नीति पर सेमिनार, प्रो. एसएम झा बोले- युवाओं को मानव पूंजी बनाना होगा

विचार रखते प्रो. एसएन झा.
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में 'खाड़ी संकट और भारतीय विदेश नीति' विषय पर आयोजित सेमिनार में भारत की वैश्विक स्थिति और विदेश नीति पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने युवाओं को मानव पूंजी बनाने और रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया।
Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी राजनीति विज्ञान विभाग एवं डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में "खाड़ी संकट और भारतीय विदेश नीति" विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य, भारत की विदेश नीति, चीन की रणनीति तथा युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की.
युवाओं को मानव पूंजी बनाने पर दिया जोर
लनामिवि के पूर्व कुलपति प्रो. एसएम झा ने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र अब भी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि खाड़ी क्षेत्र में बड़ा संघर्ष होता है तो भारत के सामने अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती होगी. उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत को युवाओं को केवल संसाधन नहीं, बल्कि मानव पूंजी के रूप में विकसित करना चाहिए.
भारत को रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखने की जरूरत
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए पीजी राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि खाड़ी संकट ने भारत को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सोचने के लिए मजबूर किया है. उन्होंने कहा कि भारत न तो पूरी तरह ईरान के पक्ष में जा सकता है और न ही उससे दूरी बना सकता है. इसलिए सभी संबंधित देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना भारत के हित में है.
चीन की रणनीति और भारत की भूमिका पर चर्चा
पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मुनेश्वर यादव ने कहा कि प्रत्येक देश को अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता मजबूत करनी होगी. उन्होंने कहा कि चीन ने वैश्विक स्तर पर अपने हितों के अनुरूप रणनीति अपनाई है, जबकि भारत को भी अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र विदेश नीति पर आगे बढ़ना चाहिए.
यह भी पढ़ें: किसान परिवार के बेटे ने पहले प्रयास में NEET किया क्वालिफाई, गांव में खुशी की लहर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










