Darbhanga News: दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने सोमवार से उपस्थिति दर्ज कर विवि मुख्यालय में घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन शुरू कर दिया है. कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार झा एवं महासचिव सुनील कुमार सिंह का कहना है कि कर्मियों की नौ सूत्री मांगों को लेकर कुलपति सहित विवि के अन्य अधिकारियों के साथ महीनों पूर्व समझौता किया गया. समझौतों का कार्यान्वयन अब तक नहीं हुआ है. बताया कि समझौता के बिंदुओं को कार्यान्वित करने के लिए आंदोलन शुरू किया गया है.
समझौता लागू होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक हुए समझौता को लागू नहीं कर दिया जाता, तब तक असहयोग आंदोलन जारी रहेगा. कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने 24 दिसंबर 2021, 20 जुलाई 2023, 15 जून 2024 एवं 25 फरवरी 2025 को विभिन्न मांगों पर कर्मचारियों के साथ समझौता किया था. जब-जब आंदोलन होता है, विश्वविद्यालय समझौता कर लेता है. हर बार समझौतों को कार्यान्वित नहीं किया जाता. कहा कि अब जबतक समझौतों को कार्यान्वित नहीं किया जाता, तबतक आंदोलन जारी रहेगा.इन मांगों को लेकर हुआ था समझौता
एसीपी/एमएसीपी की अवशेष राशि का भुगतान, एक अप्रैल 2017 से 31 जनवरी 2020 तक सप्तम वेतन के अवशेष राशि का भुगतान, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को वर्दी आपूर्ति, अनुकम्पा पर नियुक्ति, प्रोन्नति आदि मांगों में शामिल है. विश्वविद्यालय ने इन सभी मांगों को लागू करने का समझौता कर रखा है. कर्मचारियों ने कहा कि समझौता का अनुपालन नहीं होने पर 16 अप्रैल को आम सभा कर विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी गयी थी कि 20 अप्रैल तक मांगों को कार्यान्वित नहीं किया गया तो 21 अप्रैल से आंदोलन किया जायेगा. उसी निर्णय के आलोक में सभी कर्मचारी उपस्थिति दर्ज कर घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन का पूर्ण असहयोग सोमवार से शुरू किया है. कर्मचारी संघ के प्रवक्ता डॉ रविन्द्र कुमार मिश्र, अभिमन्यु कुमार, सुशील कुमार झा, गोपाल उपाध्याय, रंजीत कुमार ठाकुर, राजेश कुमार झा, कुन्दन कुमार भारद्वाज ने मौके पर अपना-अपना विचार रखा. असफल रही अधिकारियों के साथ वार्ताआंदोलनकारियों से वार्ता के लिए प्रभारी कुलपति प्रो. दिलीप कुमार झा एवं प्रभारी कुलसचिव डॉ सुनील कुमार झा आंदोलन स्थल पर पहुंचे. संतोषजनक वार्ता नहीं होने के कारण कर्मियों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया. आंदोलन को विद्यापति सेवा संस्थान ने भी अपना समर्थन दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

