शिक्षकों के लिए नाट्यकला कार्यशाला, 27 जुलाई से डायट में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

शिक्षकों के लिए नाट्यकला कार्यशाला, 27 जुलाई से डायट में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
दरभंगा में शिक्षकों के लिए 5 दिवसीय नाट्यकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. यह प्रशिक्षण 27 से 31 जुलाई 2026 तक डायट, दरभंगा में होगा. इसका उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षण में नवाचार और रचनात्मकता लाना सिखाना है.
Teachers Drama Workshop:जिले में विद्यालयी शिक्षा को अधिक रोचक, रचनात्मक और गतिविधि आधारित बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. शिक्षकों के लिए नाट्यकला विषय पर पांच दिवसीय गैर-आवासीय कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह विशेष प्रशिक्षण आगामी 27 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक डायट (DIET), दरभंगा के परिसर में आयोजित किया जाएगा. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था में नया बदलाव लाना है.
एससीइआरटी पटना और सीसीआरटी नई दिल्ली का संयुक्त प्रयास
यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा एवं शोध प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पटना के निर्देश पर तथा सीसीआरटी (CCRT), नई दिल्ली के सहयोग से कराया जा रहा है. इस पांच दिवसीय कार्यशाला में दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों से चयनित लगभग 100 से 150 शिक्षक-शिक्षिकाएं भाग लेंगे. प्रशिक्षण के लिए विभाग द्वारा योग्य शिक्षकों का चयन कर उनकी आधिकारिक सूची भी पहले ही जारी कर दी गई है ताकि समय पर तैयारियां पूरी की जा सकें.
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने समय पर उपस्थिति का दिया निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा), दरभंगा संजय कुमार ने सभी नामांकित शिक्षक-शिक्षिकाओं को कड़ा निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि सभी शिक्षक 27 जुलाई को सुबह आठ बजे तक डायट प्रशिक्षण स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं. शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नाट्यकला के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी, आनंददायक और विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा.
सरकारी स्कूलों में नवाचार और डिजिटल शिक्षण को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस अनूठी पहल से कक्षा शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में व्यापक सुधार लाने में मदद मिलेगी. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी शिक्षक अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में वापस लौटेंगे. इसके बाद वे कार्यशाला में सीखी गई विभिन्न कलात्मक गतिविधियों का उपयोग कर दैनिक शिक्षण प्रक्रिया को अधिक जीवंत, आधुनिक और बच्चों के लिए आकर्षक बनाएंगे.
ये भी पढ़ें: विशेष लोक अदालत का आयोजन, चेक बाउंस के 96 मामलों में 1.28 करोड़ का समझौता
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










