Darbhanga News: स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नामांकन के बाद होगा लनामिवि में छात्र संघ का चुनाव

Updated at : 20 Jul 2025 5:36 PM (IST)
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Darbhanga News: स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नामांकन के बाद होगा लनामिवि में छात्र संघ का चुनाव

Darbhanga News:लनामिवि में छात्र संघ का चुनाव चार वर्षीय स्नातक प्रथम सेमेस्टर सत्र 2025-29 में नामांकन समाप्त होने के बाद होगा.

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Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि में छात्र संघ का चुनाव चार वर्षीय स्नातक प्रथम सेमेस्टर सत्र 2025-29 में नामांकन समाप्त होने के बाद होगा. यह प्रस्ताव कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न सिंडिकेट की बैठक में अनुमोदित हो गया. बैठक में यह प्रस्ताव सिंडिकेट सदस्य सुजीत कुमार पासवान ने रखा. उन्होंने छात्र संघ के लंबित चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों से विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के प्रस्ताव को आज-कल पर टाला जा रहा है.

इस पर अध्यक्ष सह कुलपति प्रो. चौधरी ने डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता को जवाब देने के लिए कहा. उन्होंने बैठक में आश्वस्त किया कि इस सत्र का नामांकन संपन्न होने के बाद छात्र संघ चुनाव करा लिया जायेगा. बैठक में सिंडिकेट सदस्य डाॅ हरिनारायण सिंह ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर में नामांकन के लिये प्राप्त आवेदन मद का शुल्क पांच वर्षों के करीब 54 करोड़ रुपये का ब्योरा विवि के आंतरिक स्रोत से अर्जित आय-व्यय का उल्लेख वार्षिक बजट में नहीं होने के मामले को गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन कुलपति को अंधेरे में रख कर इस मद की राशि का कहां उपयोग कर रहा है, यह जांच का विषय है. सदस्य डाॅ सिंह ने कहा कि काॅलेजों मे नामांकन के लिए कुलाधिपति के निर्देश पर विवि द्वारा छात्रों से केंद्रीयकृत आवेदन प्राप्त करने की शुरुआत 2016 में हुई थी. उसमें यह भी तय था कि सभी कॉलेज में नामांकित छात्रों की आवेदन मद में प्राप्त शुल्क कि आधी राशि विवि काॅलेजों को उपलब्ध कराएगी. 2017, 2018 एवं 2019 में यह राशि भेजी भी गई, लेकिन 2020 से यह राशि विवि ने अभी तक किसी काॅलेज को नहीं भेजी है. उन्होंने कहा कि इस मद की राशि नहीं भेजने से अंगीभूत काॅलेजों पर कम, लेकिन संबद्ध काॅलेजों के विकास को काफी प्रभावित कर रहा है. वर्षवार अगर यह राशि ससमय विवि भेज देती तो संभव था कि काॅलेज के शिक्षाकर्मियों का मासिक वेतन बढ़ा दिया जाता. राज्यादेश के अनुसार इस मद की 70 प्रतिशत राशि पर शिक्षाकर्मियों का अधिकार है. यूजी व पीजी स्तर पर नामांकन के लिए आवेदन मद में अभी तक प्राप्त कुल राशि तथा उपयोगिता मामले की जांच कर प्रतिवेदन देने एवं विधि सम्मत आगे की कार्रवाई के लिए कुलपति ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी. इसमें डीएसडब्लू प्रो. मेहता के साथ दोनों काॅलेज निरीक्षक क्रमशः कला व वाणिज्य के प्रो. विजय कुमार यादव व विज्ञान के प्रो. अरुण कुमार सिंह को शामिल करने का निर्देश दिया.

अतिक्रमणवाद के तहत दर्ज करें मामला

इसके अलावा डाॅ सिंह ने कहा कि विवि के अधिकारियों की गलती के कारण करोड़ों रुपये की भूमि जहां-तहां लोगों के अवैध कब्जे में है. इसे मुक्त करने के लिए कब्जेधारी जानबूझकर विवि पदाधिकारियों की मिलीभगत से प्राथमिकी दर्ज कराती है ताकि आगे चलकर विवि हार जाये. इस मामले में उन्होंने सुझाव दिया कि विवि चुकी संस्था है और इसे अधिग्रहण के माध्यम से भूमि प्राप्त है, इसीलिए विवि को कब्जेधारी के खिलाफ बिहार इंक्रोचमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए. उनके सुझाव पर कुलपति ने तत्क्षण भू-संपदा पदाधिकारी डाॅ कामेश्वर पासवान को डाॅ सिंह के सुझाव के आलोक में कब्जेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया.

कई प्रस्तावों को किया गया संपुष्ट

वहीं सदस्य मीना झा ने विवि चौरंगी की साफ सफाई का मुद्दा उठाया. वहीं पीजी रसायन विभाग में डाॅ नीलांबर चौधरी चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव पर विमर्श किया गया. बैठक में प्रो. दीलिप चौधरी, सांसद गोपालजी ठाकुर, डाॅ बैद्यनाथ चौधरी आदि ने भी विभिन्न प्रस्ताव पर विचार रखा. करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पूर्व की बैठक का कार्यवृत्त एवं अनुपालन प्रतिवेदन के साथ ही अन्य मामलों को संपुष्ट किया गया.

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