मनोरोगियों का अब होगा डीएमसीएच में इलाज

Published at :05 Sep 2016 7:01 AM (IST)
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मनोरोगियों का अब होगा डीएमसीएच में इलाज

सुविधा. प्रधान सचिव को उद्घाटन को ले भेजा गया पत्र दरभंगा : डीएमसीएच के मनोरोग वार्ड के चालू होने के आसार बढ गये हैं. वार्ड के रंग-रोगन और अन्य कार्य प्रगति पर है. स्वास्थ्य प्रधान सचिव को इस वार्ड के उद्घाटन के लिए पत्र भेज दिया गया है. इस वार्ड के चालू हो जाने से […]

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सुविधा. प्रधान सचिव को उद्घाटन को ले भेजा गया पत्र

दरभंगा : डीएमसीएच के मनोरोग वार्ड के चालू होने के आसार बढ गये हैं. वार्ड के रंग-रोगन और अन्य कार्य प्रगति पर है. स्वास्थ्य प्रधान सचिव को इस वार्ड के उद्घाटन के लिए पत्र भेज दिया गया है. इस वार्ड के चालू हो जाने से मिथिला के दर्जन भर जिलों के अलावा नेपाल की तराई के मरीजों को भी लाभ मिलेगा. वार्ड के चालू नहीं होने पर एमसीआई टीम ने फरबरी में निरीक्षण रिपोर्ट में इस पर बड़ी आपत्ति जतायी थी.
वार्ड के उद्घाटन के आसार बढे
स्वास्थ्य विभाग हड़कत में आया है. नये भवन के उद्घाटन के लिए प्रक्रिया शुरु हो गयी है. इस वार्ड के उद्घाटन के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा गया है. इसको लेकर इस वार्ड को खोलने के आसार बढ गया है.
वर्त्तमान में वार्ड का हाल
वैसे तो वार्ड के भवन निर्माण के आठ साल बीत गये. इन आठ सालों में भवन में लगे शीशे, टाइल्स, खिड़की, कमरों के दरवाजे आदि टूट गये हैं. चापाकल सूख गया है. भवन के कई जगहों के सिवरेज व्यवस्था ध्वस्त हो गया है. इस वार्ड के परिसर के अंदर नगर निगम का फेका हुआ कचरा है. आठ साल का यह भवन वार्ड के उद्घाटन से पूर्व ही जर्जर दिखने लगा है. आवारा जानवरों का शौच से यह वार्ड पटा है.
मानक पर नहीं बना था भवन
वार्ड के नये भवन मानक पर नहीं पाया गया. अस्पताल अधीक्षक ने कई खामियां को दर्शाया था. इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने चहार दिवाली, कल्वर्ट और बिजली की व्यवस्था की.
कहां अटका है कार्य
वर्त्तमान में इस भवन का परिसर का पक्काकरण नहीं किया गया है. इस भवन के परिसर में गंदगी पसरा है. चापाकल को चालू नहीं किया गया है. इधर उद्घाटन की सूचना को लेकर विभाग सतर्क हुआ है. द्रुत गति से रंग-रोगन और अन्य काम चल रहा है.
पीजी में नामांकन नहीं
एमसीआई ने 2010 में अन्य विभागों के साथ मनोरोग विभाग में पीजी के एक सीट पर नामांकन का आदेश जारी किया था, लेकिन वार्ड चालू नहीं रहने के कारण पीजी का नामांकन छह सालों में अटका हुआ है.
मिथिला समेत नेपाल के मरीजों को मिलेगा लाभ
कैसे चालू हुआ था विभाग
एमसीआई की आपत्ति पर 1977 में मनोरोग विभाग चालू हुआ था. इसके साथ 30 बेड का वार्ड चालू किया गया. एमसीआई ने 1998 में इस विभाग का निरीक्षण किया, लेकिन एमसीआई इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हुआ. इस वार्ड को मेडिसीन विभाग में 10 अक्टूबर 2010 में 18 बेडों पर मरीजों की भर्ती शुरु हुई, लेकिन यह विभाग 2006-07 में बंद हो गया.
क्या कहते हैं एचओडी
मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डा. उपेंद्र पासवान ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रधान सचिव के पास उद्घाटन के लिए पत्र भेजा गया है. वार्ड का कार्य प्रगति पर है.
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