नशामुक्ति वार्ड से लापता हुआ सलाम

नशामुक्ति वार्ड से लापता हुआ सलाम काफी खोजबीन के बाद भी पत्नी को नहीं मिला पतिसात दिनों के बाद ही वार्ड की खुली पोल फोटो : 17परिचय : रुखसाना की तस्वीरइंट्रो : डीएमसीएच के नशामुक्ति केंद्र वार्ड के खुलने के बाद सात दिन के बाद ही सुरक्षा की पोल खुल गयी है. भरती मरीज मो. […]
नशामुक्ति वार्ड से लापता हुआ सलाम काफी खोजबीन के बाद भी पत्नी को नहीं मिला पतिसात दिनों के बाद ही वार्ड की खुली पोल फोटो : 17परिचय : रुखसाना की तस्वीरइंट्रो : डीएमसीएच के नशामुक्ति केंद्र वार्ड के खुलने के बाद सात दिन के बाद ही सुरक्षा की पोल खुल गयी है. भरती मरीज मो. सलाम एवं रंजीत साह वार्ड से लापता हो गये हैं. रंजीत साह को पुलिस हिरासत में यहां भरती कराया गया था. पुलिस की उपस्थिति होने के बावजूद रंजीत साह वार्ड से फराज हो गये. दोनों का कोई अता पता नहीं है. दरभंगा : डीएमसीएच के नशामुक्ति केंद्र वार्ड के सुरक्षा का आलम यह है कि चार दिनो से भरती मरीज मो. सलाम 24 घंटों से लापता है. पत्नी रुखसाना खातून के आंसू थमने का नाम नहीं ले पा रहा है. मरीज पति को खोजने के लिए पत्नी शहर की हर जगह की खाक छान ली, लेकिन रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक उसका पति नहीं मिल पाया है. थक हारकर पत्नी रुखसाना नशामुक्ति वार्ड में डाक्टरों से उसके पति को खोजने की गुहार लगा रही है. बावजूद देर शाम तक डाक्टरों ने बेंता ओपी को सूचना नहीं दी है. कब से हैं लापतानशामुक्ति वार्ड से मरीज सलाम सात अप्रैल को एक बजे दिन में कहीं निकल गया था. इसकी भनक वार्ड के किसी सदस्यों को नहीं हुई. उधर पत्नी को भी आंख लग गयी थी. उसके उठने पर देखा कि पति बेड से गायब है. पत्नी रुखसाना ने समझा कि सामान्य दिनों की तरह उसका पति टहलकर वार्ड चला आयेेगा. पत्नी ने बताया कि देर शाम तक मरीज पति के नहीं आने पर उसका धैर्य का बांध टूट गया और वह डाक्टरों के पास गुहार लगायी. शहर का खाक छाना, नहीं मिला पतिपत्नी रुखसाना ने बताया कि वह बीते रात से स्टेशन, कादिराबाद बस पड़ाव, बेंता, लहेरियासराय, बाकरगंज, नाका पांच, राज परिसर समेत शहर के कई मोहल्लों में रातभर और दिनभर ढूंढा, लेकि न उसका पति अबतक नहीं मिला है. गांवों में भी अपने पति की खोजबीन की सूचना दी है, लेकिन वहां भी उसका कोई अता पता नहीं है.बच्चों का कैसे होगा पालन-पोषणपति के वार्ड मेंं नहीं लौटने पर पत्नी रुखसाना ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं. उनके परिवार का भरण-पोषण करने वाला एक मात्र पति ही थे. चारों बच्चे में उसकी सबसे बड़ी लड़की है. पति शाम में मजदूरी करके लौटता था, तब उसके घर में चूल्हा जलता था. उनके बच्चों का लालन पालन कैसे होगा. कब हुआ था भरतीजाले प्रखंड के पश्चिमी टोला निवासी मो. सलाम को चार अप्रैल को नशामुक्ति वार्ड में भरती कराया गया था. इसके पूर्व वह मजदूरी का सभी रुपये का शराब पी जाता था और कु छ रुपये घर चलाने को देता था. क्या है सुरक्षा व्यवस्थानशामुक्ति वार्ड की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है न तो यहां गार्ड है न ही ग्रील की व्यवस्था. किवाड़ भी शीशानुमा है. किसी भी मरीज को बाहर जाने पर पाबंदी नहीं है. कर्मी व डाक्टर अपनी अपनी मात्र जिम्मेवारी निभाते हैं. क्या कहते हैं डाक्टरनशामुक्ति केंद्र के डाॅ आरके ने बताया कि मरीज मो. सलाम अभी तक वार्ड में वापस नहीं लौटा है. लिखित लापता की सूचना दी जायेगी.
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