कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नहीं हो रहा अतिरक्ति वर्ग संचालन

कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नहीं हो रहा अतिरिक्त वर्ग संचालन बिरौल. सरकार ने कमजोर छात्र एवं छात्राओं को अलग से कक्षा आयोजन कर उसके शैक्षणिक स्तर को सुधारने का निर्देश दे रखा है. बावजूद बिरौल प्रखंड के कुल 13 संकुलों में इसके लिए रोस्टर भी अब तक नहीं बनाये गये है़ं विभिन्न विद्यालयों […]
कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नहीं हो रहा अतिरिक्त वर्ग संचालन बिरौल. सरकार ने कमजोर छात्र एवं छात्राओं को अलग से कक्षा आयोजन कर उसके शैक्षणिक स्तर को सुधारने का निर्देश दे रखा है. बावजूद बिरौल प्रखंड के कुल 13 संकुलों में इसके लिए रोस्टर भी अब तक नहीं बनाये गये है़ं विभिन्न विद्यालयों में महज खानापूर्ति तक यह निर्देश रह गया है. ऐसे में शिक्षा का अधिकार कानून को किस हद तक बिरौल में लागू किया जा रहा है उसको सहज समझा जा सकता है. सरकार ने कमजोर बच्चों के लिए वर्ग 3,4 एवं5 के लिए रिमेडियल क्लास संचालन करने का निर्देश शिक्षा विभाग को दे रखा है़ इसमें समय भी निर्धारित किये गये है़ समय 3 से 4 रखा गया है़ इस समय में कमजोर छात्रों को अलग से वर्ग संचालित कर उसके शैक्षणिक स्तर को मजबूत किया जाना है.परंतु यह निर्देश कागजों तक सिमट कर रह गया है़ एचएम को दी गयी है जिम्मेवारी वैसे तो वर्ग एक से आठ तक के कमजोर छात्रों के लिए अलग से वर्ग संचालन करने की जिम्मेवारी विद्यालयों को दी गयी है लेकिन विशैष तौर पर वर्ग 3,4 एवं 5 के छात्रों को सूचीबद्ध कर सही तरीके से उसकी पढ़ाई करानी है. इसमें खासकर हिन्दी और गणित है़ जो बच्चे हिन्दी में कमजोर है, उसकी सूची तैयार करने का निर्देश प्रधानाध्यापक को दिया गया है.उन छात्रों को 3 से 4 के बीच अलग से इस विषय को पढाना है़ दिये निर्देश में बताया गया कि पहले छात्रो को अक्षर उसके बाद शब्द और वाक्य का बोध करावें. उसी तरह से गणित विषय में भी उसको मजबूत करनी है़ परंतु बिरौल में यह टॉय टॉय फिस साबित हो रहा है. पदाधिकारी भी इस ओर ध्यान नही दे पा रहे है़तीन बजते ही घर का रुख करने लगते हैं शिक्षक अधिकांश विद्यालयों में तीन बजते ही शैक्षणिक कार्य ठप हो जा रहे है़ं शिक्षक अपने अपने घर की ओर रूख कर लेते है. ऐसे स्थिति में शिक्षा अधिकार का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है़ पदाधिकारी भी जांच के दौरान इस विषय पर कभी ध्यान नही दिया़ इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होना स्वाभिक माना जा रहा है़शिक्षा समिति में भी नहीं उठता यह मुद्दा सरकार की ओर से जारी किये गये निर्देश के जानकारी अभिभावक को नहीं मिल पाती है़ यह मुद्दा शिक्षा समिति की बैठक में नहीं उठता है़ मुद्दा उठता है तो मीड डे मील का संचालन, पोशाक और छात्रवृत्ति का. अभिभावक सुशील मिश्र , काशी कांत चौधरी सहित ने बताया कि इसके बारे में जानकारी नहीं है़ बोले अधिकारी इस संबध में बीइओ जय जय राम राय ने कहा कि आदेश सभी प्रधानाध्यापक को मिली है़ शिकायत मिलेंगे तो जरूर कार्रवाई की जायेगी़
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