प्रभु येशु के जन्म लेते ही चहुंओर खुशियां छायी

प्रभु येशु के जन्म लेते ही चहुंओर खुशियां छायी पाप से हमें बचाने धरती पर जन्मा बालक येशु गिरिजाघर नहाया सतरंगी रौशनी से, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ फोटो संख्या- 21परिचय- फादर चार्ल्स फोटो संख्या- 22परिचय-फादर टोनी फोटो संख्या- 23परिचय- चर्च के अंदर भीड़ को नियंत्रित करती पुलिस फोटो संख्या- 24परिचय-चर्च के बाहर भी को रास्ता […]
प्रभु येशु के जन्म लेते ही चहुंओर खुशियां छायी पाप से हमें बचाने धरती पर जन्मा बालक येशु गिरिजाघर नहाया सतरंगी रौशनी से, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ फोटो संख्या- 21परिचय- फादर चार्ल्स फोटो संख्या- 22परिचय-फादर टोनी फोटो संख्या- 23परिचय- चर्च के अंदर भीड़ को नियंत्रित करती पुलिस फोटो संख्या- 24परिचय-चर्च के बाहर भी को रास्ता दिखाती पुलिस फोटो संख्या- 25परिचय- मरियम की मूर्ति के पास मोमबत्ती जला प्रार्थना करते लोग फोटो संख्या- 26परिचय- प्रार्थना करते लोग फोटो संख्या- 27 परिचय- सतरंगी छटा में नहाया चर्च दरभंगा. गिरिजाघर में 24 दिसंबर की आधी रात प्रभु येशु ने जन्म लिया. उनके जन्म से चारों ओर खुशियां छा गयी. येशु के जन्म पर मौजूद लोगों ने उनकी अगुआई की. उनके जन्म पर झूमते नाचते गाते लोग ‘आया-आया येशु राजा, आज जगत में आया’ पाप से हमें बचाने, संदेश प्रेम का फैलाने… प्रार्थना कर रहे हैं. कैरोल की धून पर सभी भक्त ध्यान मग्न हैं. मिशा बलिदान कर इसाई धर्मावलम्बियों के फादर चार्ल्स ने धरती पर जन्मे बालक येशु को चरनी में लाकर स्थापित किया. येशु के जन्म पर आह्लादित भक्तों ने गीत गाया- खुशी मनाओ-झूमो-गाओ-येशु राजा आया…. इसके बाद श्रद्धालुओं को गिरिजाघर के प्रमुख पादरी फादर चार्ल्स ने सबों को केक बांटा और येशु के धरती पर आने का संदेश बताया. चरनी के पास आग जलाकर इसाई धर्मावलम्बियों ने आधी रात बाद तक खुशियां बांटी. इस प्रार्थना में स्टेशन रोड स्थित रोमन कैथोलिक चर्च में सिस्टर फ्लोरिन, सुधा, मनीषा, बाल बोध, सुधीर, नीलिमा, विनिता मरांडी, महिमा मरांडी, विशाल, पप्पू, सूजी, रोशलीन आदि ने हिस्सा लिया. दूसरी ओर बेंता स्थित प्रोस्टेट चर्च में भी क्रिसमस के मौके पर आनंद गान हुआ. प्रभु येशु के जन्म पर खुशियां छा गयी और श्रद्धालुओं ने उनकी याद में प्रार्थना सभा की. सुबह येशु की हुई विशेष पूजा मिशा बलिदान शुक्रवार की सुबह 8 बजे गिरिजाघर में विशेष पूजा ‘मिशा बलिदान’ फादर टोनी ने किया. इसके बाद गिरिजाघर को सबों के दर्शन के लिए खोल दिया गया. विशेष पूजा के वक्त इसाई धर्मावलम्बियों के अलावा दूसरे धर्मों के लोग भी मौजूद थे. इसमें शहर के नामी गिरामी हस्तियों ने भी शिरकत की. सुबह से ही इसाई समुदाय के लोगों से इतर अन्य धर्मों को माननेवाले श्रद्धालुओं ने गिरिजाघर पहुंच पहले चरनी में रखे प्रभु येशु और मरियम माता के दर्शन किये. उनकी याद में मोमबत्तियां जलायी फिर गिरिजाघर पहुंचकर भगवान येशु को शीश झुकाया. आकर्षण का केंद्र बना चरनी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ दोनार के समीप स्थित कैथोलिक चर्च पहुंच रही थी. क्रिसमस के मौके पर पूरा गिरिजाघर खुब आकर्षक ढंग से सजाया गया था. खास तौर पर आकर्षण का केंद्र बना चरनी. यहां भगवान येशु को जन्म के बाद मरियम के साथ रखा गया था. श्रद्धालु खासकर युवक-युवतियों में इसको लेकर खास आकर्षण दिखा. हर कोई मोमबत्ती जलाकर अपनी श्रद्धा अर्पित करने को बेताब रहा. ज्यों-ज्यों दिन चढ़ा, त्यों-त्यों गिरिजाघर में भीड़ बढ़ती रही. दोपहर बाद तो स्थितियों ऐसी बनी की उमड़ी भीड़ के आगे प्रशासनिक व्यवस्था नाकाफी साबित हुई. हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की थी. इसमें प्रवेश द्वार से लेकर गिरिजाघर और उसके अहाते में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था. महिला पुलिस बल के साथ-साथ इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, रैफ के अधिकारी भी लगाये गये थे. गिरिजाघर की व्यवस्था को संभालने वालों में पंकज पॉल, जेम्स, युवा दल अध्यक्ष मनीष, महिला संघ अध्यक्ष मिसेज फ्रांसिस, विकास कुमार आदि प्रमुख थे. मेले सा था नजारा गिरिजाघर का रंग-बिरंगे गुब्बारों को देख बच्चे लेने को बेचैन थे, तरह-तरह की मिठाइयों की दुकानें सजी थी. केक, पेस्टी, पेट्रिज की दुकानों परभीड़ जुटी थी. गोलगप्पे, पोस्टर, खिलौनों की सजी दुकानें और खरीदारी करते श्रद्धालु माहौल को मेला रूपी बना रहे थे. देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन को जुटी रही. संध्या छह बजे से श्रद्धालुआें की इंट्री बंद कर दी गयी. गिरिजाघर में मौजूद श्रद्धालुओं केो निकलते निकलते संध्या के सात बज गये. सबों से प्रेम करने का संदेश देता है क्रिसमसइसाई धर्म को मानने वाले क्रिसमस की तैयारी एक माह पूर्व से करते हैं. इसकी शुरुआत इसाई धर्म को मानने वालों के घर जाकर भजन-प्रार्थना से होती है. फादर टोनी व फादर चार्ल्स क्रिसमस पर्व के महत्व को बताते हुए कहा कि यह भगवान येशु पर जन्म लेने और सबों से प्रेम करने का संदेश है. हर प्राणी से जब हम प्रेम करेंगे तो हम पापमुक्त होंगे. भगवान येशु का धरती पर आने का उद्देश्य मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाना हे. उन्होंने बताया कि जिले के सुरहाचट्टी में भी एक छोटा गिरिजाघर है जहां भी धूमधाम से भगवान येशु का जन्मोत्सव मनाया गया. यहां फादर जेरी ने आनंद गान किया. गैर इसाइयों के घर भी होता है आंनद गान क्रिसमस की तैयारी में जुटे श्रद्धालुओं की टीम प्रत्येक शाम इसाई समुदाय से जुड़े लोगों के घर जाकर आनंद गान करते हैं. धर्मावलम्बियों की मानें तो आंनद गान के लिए हमें गैर इसाइयों के घर से भी बुलावा मिलता है तो हम वहां जाकर आंनद गान करते हैं और प्रभु येशु का संदेश सुनाते हैं. इसमें कई गैर इसाई लोग भी खुशी-खुशी शामिल होते हैं. यही येशु के संदेश का सफलता का प्रमाण भी है. दूसरी ओर शीशो पश्चिमी स्थित जेम्स प्रार्थना भवन में क्रिसमस के अवसर पर प्रभु येशु के जन्म का नाट्य मंचन कियागया. स्कूली बच्चों के साथ-साथ बांध बस्ती के युवकों नेभी नाटक में हिस्सा लिया. इस मौके पर प्रभु के गीतों को गाकर उनके संदेश को लोगों के बीच फैलाया गया. इस मौके पर विनोद यादव, राकेश, फेकन पासवान, इंदू कुमारी, प्रीति कुमारी, नैंसी, प्रियंका, तेजू मांझी आदि ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में मंच संचालन पंकज कुमार ने किया.
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