\\\\टं३३ी१त्र/ू/रजैविक खाद व बर्मी कम्पोस्ट पर छह दिवसीय प्रशक्षिण शुरू

Updated at :07 Dec 2015 9:22 PM
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\\\\टं३३ी१त्र/ू/रजैविक खाद व बर्मी कम्पोस्ट पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो:::::21चित्र परिचय-: जैविक खाद एवं बर्मी कम्पोस्ट का प्रशिक्षण देते केन्द्र के समन्व्यक सह शस्य वैज्ञानिक डाअनुपमा, मृदा वैज्ञानिक डा़आनंद प्रसाद राकेश एवं जीविका के सामुदायिक समन्वयक सुमीत कुमार सुमनफोटो: 22चित्र परिचय-: प्रशिक्षण में उपस्थित ग्रामीण महिलायेंजाले : स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में […]

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\\\\टं३३ी१त्र/ू/रजैविक खाद व बर्मी कम्पोस्ट पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो:::::21चित्र परिचय-: जैविक खाद एवं बर्मी कम्पोस्ट का प्रशिक्षण देते केन्द्र के समन्व्यक सह शस्य वैज्ञानिक डाअनुपमा, मृदा वैज्ञानिक डा़आनंद प्रसाद राकेश एवं जीविका के सामुदायिक समन्वयक सुमीत कुमार सुमनफोटो: 22चित्र परिचय-: प्रशिक्षण में उपस्थित ग्रामीण महिलायेंजाले : स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में जीविका द्वारा लाये गये तीस महिलाओं के समूह को बर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खेती विषय पर छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ किया गया़ इस क्रम में सोमवार को केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डा़ आनंद प्रसाद राकेश ने जैविक खेती के मुख्य घटकों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उपजाऊ जमीन के ऊपरी सतह पर फैले कार्बन ही मिट्टी रहने वाले सूक्ष्म जीवों का भोजन होता है़ इसीलिए किसी भी खेत का मिट्टी कटवाने के पूर्व छह से आठ ईंच मिट्टी को कहीं संरक्षित कर लेना चाहिए़ उसके बाद की ही मिट्टी काटवाना चाहिए़ खेत की ऊॅचाई जब मनमाफिक हो जाने के बाद संरक्षित मिट्टी को पुन: खेतों में फैला देना चाहिए़ इससे खेतों के उर्वरा शक्ति का क्षड़न नहीं होता है़ इन्होंने आगे बताया कि खेतों में अम्लीय मिट्टी को चूना डालकर सुधारा जा सकता है तथा उसर या क्षारीय मिट्टी को पाइराइड अथवा जिप्सम डालकर सुधारा जा सकता है़ जैविक खेती के मुख्य घटक पर चर्चा करते हए डा़ राकेश ने उपस्थित प्रशिक्षुकों को बताया कि वानस्पतिक अवशिष्ट, जैव उर्वरक, जानवरों का अवशिष्ट, कीड़े एवं रोगों का जैविक नियंत्रण, शस्य तकनीक जैसे फसल चक्र, एग्रोनेट का प्रयोग ट्रैप क्रॉप आदि मुख्य घटक हैं जिसे अपना कर किसान अकार्बनिक (रसायनिक) खाद का प्रयोग कम करके मिट्टी के स्वास्थ्य को ठीक रख सकते हैं़ इस मौके पर केन्द्र के समन्व्यक डा़ अनुपमा कुमारी एवं जीविका के सामुदायिक समन्वयक सुमित कुमार सुमन भी उपस्थित थे़

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