पत्थर की हो शिकायत तो कराएं ऑपरेशन, नहीं तो होगा किडनी खराब : डॉ महेश्वर सिंह

पत्थर की हो शिकायत तो कराएं ऑपरेशन, नहीं तो होगा किडनी खराब : डॉ महेश्वर सिंह बिहार यूरोलॉजिकल सोसाइटी का सीएमइ यूरो स्टोन सेंटर में हुआ आयोजन फोटो संख्या- 33 व 34परिचय- कार्यक्रम को संबोधित करते विशेषज्ञ व उपस्थित लोग दरभंगा . बिहार यूरोलॉजिकल सोसाइटी का यूरोलॉजी सीएमइ कमलाइव वर्कशॉप शनिवार को यूरो स्टोन रिसर्च […]
पत्थर की हो शिकायत तो कराएं ऑपरेशन, नहीं तो होगा किडनी खराब : डॉ महेश्वर सिंह बिहार यूरोलॉजिकल सोसाइटी का सीएमइ यूरो स्टोन सेंटर में हुआ आयोजन फोटो संख्या- 33 व 34परिचय- कार्यक्रम को संबोधित करते विशेषज्ञ व उपस्थित लोग दरभंगा . बिहार यूरोलॉजिकल सोसाइटी का यूरोलॉजी सीएमइ कमलाइव वर्कशॉप शनिवार को यूरो स्टोन रिसर्च सेंटर अललपट्टी में शुरू हुआ. इस एमसीइ का कार्यक्रम आइएमए हॉल जबकि लाइव वर्कशॅप यूरो स्टोन में कार्यक्रम हुआ. सीएमइ के कार्यशाला में पअना से आये डॉ महेंद्र सिंह ने लोगों को हरेक दिन 3-4 लीटर पानी पीने की सलाह दी. समय-समय पर पानी नहीं पीने से पत्थर बनने की शिकायत होगी. अगर पत्थर को निकालने का ऑपरेशन नहीं हुआ तो किडनी खराब होने की अधिक संभावना रहती है. डॉ विजय कुमार ने कहा कि इस उत्तर बिहार में पेट में पत्थर बनने की अधिक मामले आते हैं. उचित खानपान से ऐसे रोग से दूर हो सकते हैं. यूरो स्टोन रिसर्च सेंटर में यूरोलॉजी सीएमई कम लाइव वर्कशॉप फोटो संख्या- 39 से 42 तक लगातार परिचय- विशेषज्ञ डॉक्टरों की तसवीर बिहार यूरोलॉजिकल सोसाइटी की ओरसे आयोजित यूरो स्टोन रिसर्च सेंटर में शनिवार को देश के चर्चित मूत्र रोग विशेषज्ञ यूरोलॉजी सीएमई कम लाइव वर्कशॉप में शामिल हुए. इस मौके पर आधाा दर्जन गंभीर मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन यूरो स्टेान रिसर्च सेंटर के अत्याधुनिक मॉडलर ओटी में हुआ. दिल्ली से आये डॉ रविंकांत सिंह, दिल्ली के ही डॉ मनीष कुमार, पटना के डॉ गौतम गोस्वामी, डॉ अविनाश सिंह, दरभंगा की डॉ गूंजन त्रिवेदी, डॉ रिया सिंह, डॉ शमीम खूर्रम आजमी और डॉ टीएनझा ने गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया. यह सभी ऑपरेशन लेजर और लेप्रोस्कोपी विधि से किया गया. इसका नेतृत्व यूरो स्टोन के मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार ने किया. डॉ मनोज कुमार ने बताया कि पहले ऐसे रोगों के उपचार के लिए मरीजों को रेफर किया जाता था. अब इस सेंटर में सभी सुविधाएं उपलब हो गयी हैं. इससे अब उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. इस मौकेपर विभिन्न विषयों पर साइंटिफिक सेशन का भी आयोजन हुआ. इसमें चिलूरिया, ल्यूटस का प्रोस्टेट आदि विषयों पर अत्याधुनिक उपचारों पर विचार विमर्श हुआ. इसमें प्रो महेंद्र सिंह, डॉ शैलेष कुमार सिन्हा, डॉ खालिद मोहम्मद, सभी पटना, बेगूसराय के डॉ ललन कुमार सिंह, एचओडी पैथोलॉजी विभाग डॉ अजित चौधरी, दिल्ली के डॉ निखिल चौधरी आदि शामिल थे. अत्याधुनिक ऑपरेशन से खूशहाल होगा जीवन उत्तर प्रदेश के आगरा से आये डॉ मधुसूदन अग्रवाल ने बतााय कि एक जमाना था कि बिहार के लोग अन्य प्रदेशों में ऑपरेशन के लिए जाते थे. लेकिन यूरो स्टोन सेंअर का ऑपरेशन थियेटर अत्याधुनिक मशीन उपकरणों से लैश है. अब यहां के मरीजों को दूसरे प्रदेश में जाने की जरूरत नहीं है. सबसे अत्याधुनिक विधि लेजर ऑपरेशन है. इस विधि से मरीजों का चिरा भी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती हे. यहां व्यवस्था मरीजों के लिए बेहतर है. पटना के मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ महेंद्रसिंह का कहना है कि गॉल ब्लॉडर में पथरी बनने से दर्द की शिकायत रहती है. मूत्रालय के नली में पाथर होने से पेशाब में परेशानी होती है.
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