आसमान में छाये रहेंगे हल्के बादल

Updated at :05 Dec 2015 6:45 PM
विज्ञापन
आसमान में छाये रहेंगे हल्के बादल

आसमान में छाये रहेंगे हल्के बादल फैली रहेगी कुहासे की चादरदरभंगा . मौसम विभाग पूसा समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान के सहायोग से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आनेवाले तीन दिनों के मौसम पूर्वानूमान में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में हल्के बादल छाने की संभावना है. हालांकि आमतौर पर मौसक शुष्क रहने का […]

विज्ञापन

आसमान में छाये रहेंगे हल्के बादल फैली रहेगी कुहासे की चादरदरभंगा . मौसम विभाग पूसा समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान के सहायोग से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आनेवाले तीन दिनों के मौसम पूर्वानूमान में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में हल्के बादल छाने की संभावना है. हालांकि आमतौर पर मौसक शुष्क रहने का अनुमान है. इस अवधि में औसतन 3 से 7 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पछिया हवा तथ कभी पूरवा हवा चलने की संभावना है. इस बीच अधिकत्तम तापमान 25-28 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनत तापमान 12-15 डिग्री सेल्सियस रहेंगे तथा उत्तर बिहार के जिलों मेें कुहासे छा सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 27.2 एवं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. किसानों के लिये सुझाव समकालीन गेहूं की बुआई 10 दिसंबर तक अवश्य संपन्न कर लें. पिछात गेहूं की बुआई के लिए खेत को तैयार रखें. गेहूं की बुआई के पूर्व खेत में 40 किलोग्राम नेत्रजन, 40 किलोग्राम फासफोरस एवं 20 किलोग्राम पोटास प्रति हेक्टेयर डालें. पिछात गेहूं के लिए पीबीडब्ल्यू 373, एचडी 2285, एचडी 2967, एचडी 2643, एचयूडब्ल्यू 234, डब्ल्यूआर 544, डीबीडब्ल्यू 14, एन डब्ल्यू 2036 तथा एचडब्ल्यू 2045 किस्मों का प्रयोग करें. गेहूं बुआई से पहले प्रतिकिलो ग्राम बीच को 25 ग्राम बेबीस्टीन से उचारित अवश्य करें. किसानों को मक्के की बुआई अतिशीघ्र संपन्न करने की सलाह दी जाती है. साथ ही पिछले महीने बोये मक्के में निकौनी कर खरपतवार निकाल दें. एक माह पहले रोपे गये आलू की फसलों में भी कमौनी कर नेत्रजन उर्वरक का उपरिवेशन कर आलू में मिट्टी चढा दें. और आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें. पशुपालकों को चारा के लिए जई तथा बरसीम की बुआई करने का समय है. सब्जी लगानेवाले किसान भाइयों को सब्जी के पौधे के बीच निकाइ-गुड़ाइ कर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें. इस मौसम में आम के बगीचे मेें बग कीट मिट्टी से निकलकर पौधों पर चढकर तनों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बचाव के लिए मिट्टी से 5 मीटर उंचाई पर आम व कटहल के तने के चारों तरफ पॉलीथीन सीट लपेट दें. पॉलीथीन सीट के उपर ग्रीस का लेप चढाने से कीट उपर नहीं चढ सके. साथ ही तने के आसपास मिट्टी को हटाकर उसके अंडे को नष्ट कर दें. बैंगन की फसल को तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए ग्रसित तना व फली को इकट्ठा कर नष्ट कर दें. साथ ही यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड 48 इसी/1मिली प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़काव करें. फूलगोभी व पत्ता गोभी वाले फसल में पत्ती खाने वाली कीट डायमंड बैक मॉथ की रोकथाम के लिए स्पेनोसेड दवा एक मिली प्रति 3 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन