अनुमंडल के संबद्ध दो डग्रिी कॉलेजों के बहुरेंगे दिन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Nov 2015 8:37 PM

विज्ञापन

अनुमंडल के संबद्ध दो डिग्री कॉलेजों के बहुरेंगे दिन बेनीपुर : क्या सचमुच अनुमंडल के दोनों संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के दिन बहुरेंगे? कम से कम यहां के दोनों संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का तो यही मानना है कि उनके प्रतिनिधि ने जो आश्वासन दिया था वह पूरा होगा. ज्ञात हो कि गत […]

विज्ञापन

अनुमंडल के संबद्ध दो डिग्री कॉलेजों के बहुरेंगे दिन बेनीपुर : क्या सचमुच अनुमंडल के दोनों संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के दिन बहुरेंगे? कम से कम यहां के दोनों संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का तो यही मानना है कि उनके प्रतिनिधि ने जो आश्वासन दिया था वह पूरा होगा. ज्ञात हो कि गत विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विधान पार्षद डा. मदन मोहन झा के सामने अयाची मिथिला महिला महाविद्यालय बहेड़ा के शिक्षकों ने बिहार गजट असाधारण अंक 2015 के प्रावधानों पर अपना भविष्य पर खतरा मंडराने का संदेह जाहिर किया था. शिक्षकों के अनुसार डा. झा के उक्त गजट रद्द करवाने का आश्वासन दिया था. ज्ञात हो कि विगत 24 अगस्त 2015 बिहार गजट असाधारण अंक का प्रावधान सरकार एक चयन समिति संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में दिनांक 19 अप्रैल 2007 के पूर्व बिहार कॉलेज सेवा आयोग की अनुशंसा के बगैर नियुक्त शिक्षक ों के मामलों की समीक्षा ऐसे शिक्षक की नियुक्ति के समय लागू अर्हता के आधार पर दिनांक 31 मार्च 2007 तक पूरी कर लेगी अन्यथा ऐसी नियुक्तियां वैध नहीं मानी जायेगी.शिक्षकों के अनुसार जब राज्य सरकार ने वित्तरहित शिक्षानीति को समाप्त कर संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों को अनुदान देने का निर्णय लिया था. तो दसकोंं से इन कॉलेजों के सैकड़ों शिक्षक एवं कर्मियों में आशा का संचार हुआ था पर प्रावधानों के कारण अयाची महिला महाविद्यालय को अनुदान भी नहीं मिल पाया और कारण बना था पद सृजन जिसे सरकार ने 1996 से बंद कर रखा है. शिक्षकों के अनुसार नया प्रावधान कोढ़ में खुजली की तरह है. जिससे सभी शिक्षक जिन्होंने दसको तक दूसरों का जीवन संवारने में अपना योगदान दिया है. उनका शिक्षक जीवन ही समाप्त हो जायेगा. शिक्षकों के अनुसार स्नातकोत्तर के बाद प्राध्यापक बनने का सपना लेकर लोगों ने ऐसे महाविद्यालयों में अपना योगदान दे दिया और फिर पीएचडी या नेट की अर्हता प्राप्त किया. पर उक्त गजट को सही माने तो अब इस प्रावधान के बाद उन सबों के उपर भी टालवार लटक ने लगी है. इसको लेकर इन शिक्षकों का कहना है कि उक्त गजट के अनुसार यह मामला सिर्फ बेनीपुर को ही नहीं पूरे बिहार के लगभग 250 संबद्ध डिग्री महाविद्यालय का है, क्योंकि गजट के अनुसार नियुक्त के समय पीएचडी या नेट की डिग्री नहीं प्राप्त करनेवाले सभी शिक्षकों पर तो गाज गिरना तय माना जा रहा है. अब इन शिक्षकांे की आस अपने शिक्षक प्रतिनिधि विधान पार्षद डा. झा पर ही देखा हुआ है. वे अपने आश्वासन के अनुरुप उसे रद्द करा पायेंगे क्योंकि वे नई सरकार में मंत्री है और इन्ही के दल के अशोक चौधरी शिक्षा मंत्री भी हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन