मिथिला-मैथिली के उत्थान को जन जागृति आवश्यक: श्रीशंकर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Nov 2015 8:21 PM
मिथिला-मैथिली के उत्थान को जन जागृति आवश्यक: श्रीशंकर समर्पित लोगों का करना होगा निर्माणवर्त्तमान सरकार से मिथिला-मैथिली की अपेक्षा विषयक संगोष्ठी आयोजितफोटो. 15परिचय. कविकोकिल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते मैथिलीसेवीदरभंगा: मिथिलांचल विकास परिषद, मिथिला सघर्ष समिति व साक्षर दरभंगा के सयुक्त तत्वावधान में चल रहे तीन दिनी मिथिला विभूति पर्व समारोह के दूसरे दिन […]
मिथिला-मैथिली के उत्थान को जन जागृति आवश्यक: श्रीशंकर समर्पित लोगों का करना होगा निर्माणवर्त्तमान सरकार से मिथिला-मैथिली की अपेक्षा विषयक संगोष्ठी आयोजितफोटो. 15परिचय. कविकोकिल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते मैथिलीसेवीदरभंगा: मिथिलांचल विकास परिषद, मिथिला सघर्ष समिति व साक्षर दरभंगा के सयुक्त तत्वावधान में चल रहे तीन दिनी मिथिला विभूति पर्व समारोह के दूसरे दिन मंगलवार को वर्त्तमान सरकार सं मिथिला-मैथिलीक अपेक्षा विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ. डा. चंद्रकांत मिश्र की अध्यक्षता में डा. श्रीशंकर झा ने विषय प्रवर्त्तन करते हुए कहा कि इसके उत्थान के लिए जन जागृति लानी होगी. उदय चंद्र झा विनोद ने कहा कि हमें मिथिला-मैथिली के प्रति प्रतिबद्ध लोगों का निर्माण करना होगा. इसके बाद ही यह आंदोलन आगे बढ़ सकेगा और परिणामदायी हो सकेगा. समिति के अध्यक्ष सह मैथिली आंदोलनी कमलेश झा ने कहा कि इसके प्रति प्रतिबद्ध लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए समाज के प्रबुद्धजनों को आगे आना होगा. यह लक्ष्य व्यापक जनजागरण से ही प्राप्त किया जा सकता है. डा. रणधीर झा ने मिथिला-मैथिली के लिए सदैव अग्रसर रहने का भरोसा मौके पर दिलाया. जगदीश मंडल ने इसकी गति मद्धम होने के लिए अपनी कमियों को ही दोषी बताया. संगोष्ठी में नारायणजी चौधरी, उमेश मंडल, उमाकांत बक्शी, अशोक कुमार चौधरी आदि ने भी विचार रखे. कार्यक्रम के दूसरे भाग में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. हरिश्चंद्र हरित के संयोजन मंे भीमनाथ झा, फू लचंद्र झा प्रवीण, शैलेंद्र आनंद, महेंद्रलाल दास, सुरंेद्रनाथ, शंभुनाथ मिश्र समेत कई रचानाकारों ने अपनी-अपनी रचनायें पढ़ीं.
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