इप्टा की ढाई आखर प्रेम पदयात्रा में शामिल हुए पटना के कई सांस्कृतिककर्मी, बोले- मोहब्बत से ज़िंदा रहेंगी कौमें

Updated at : 28 Jan 2024 8:56 PM (IST)
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इप्टा की ढाई आखर प्रेम पदयात्रा में शामिल हुए पटना के कई सांस्कृतिककर्मी, बोले- मोहब्बत से ज़िंदा रहेंगी कौमें

पदयात्रा में शामिल महिलाएं, किशोरियां और युवा प्यार, सद्भाव के गीत गा रहे हैं. गांधी मैदान, पुलिस लाइन, मंदिरी के गली मोहल्लों में नफ़रत को मिटाने का आह्वान करते हुए आगे बढ़े. उनके हाथों में नफ़रत से आजादी, जिंदगी के गीत गाने के आह्वान करते पोस्टर दिखे.

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पटना. इप्टा की ओर से आयोजित ढाई आखर प्रेम सांस्कृतिक पदयात्रा में पटना के संस्कृतिकर्मी, लेखक, कलाकार नाचते-गाते और गीतों के माध्यम से शहीदों को याद करते हुए रविवार को विभिन्न मोहल्लों से निकले. पदयात्रा में शामिल महिलाएं, किशोरियां और युवा प्यार, सद्भाव के गीत गा रहे हैं. गांधी मैदान, पुलिस लाइन, मंदिरी के गली मोहल्लों में नफ़रत को मिटाने का आह्वान करते हुए आगे बढ़े. उनके हाथों में नफ़रत से आजादी, जिंदगी के गीत गाने के आह्वान करते पोस्टर दिखे.

भेदभाव इंसान को इंसान से दूर करता है

यह पदयात्रा सुबह शहीद पीर अली पार्क से शुरु हुई. पदयात्रियों को संबोधित करते हुए बिहार महिला समाज की नेत्री निवेदिता ने कहा कि प्रेम सृजनशील है और नफ़रत विनाश करने वाला है. धर्म, जाति, भाषा, लिंग के आधार पर भेद भाव इंसान को इंसान से दूर करता है. बांटता है इसलिए ज़रूरी है कि हम प्यार मोहब्बत करें. इंसान से इंसान के बीच भाई चारा बढ़ाएं. नफ़रत, घृणा भड़काने वालों को प्रेम का संदेश दे कर उन्हें सही रास्ते पर लाएं. गांधी से प्रेम करना सिखाएं.

यह कार्यकर्ताओं का सामूहिक प्रयास है

बिहार इप्टा के कार्यवाहक महासचिव फीरोज अशरफ खां ने कहा कि ढाई आखर प्रेम: राष्ट्रीय सांस्कृतिक जत्था, पूरे देश में चल रहा कलाकारों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का सामूहिक प्रयास है. पिछले साल भगत सिंह के जन्मदिवस 28 सितम्बर को इस यात्रा की शुरुआत हुई और अब तक बीस राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों में यह सांस्कृतिक जत्था अभियान चला चुका है. इसी कड़ी में पटना पदयात्रा आज आयोजित की गई.

राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है संस्कृति

लोक परिषद् के संयोजक रूपेश ने कहा कि नफ़रत के व्यापार को खत्म कर मोहब्बत का संदेश देने के लिए यह पदयात्रा जारी है, जो 30 जनवरी को महात्मा गांधी के 76वे शहादत दिवस पर दिल्ली में समाप्त हो रही है. वरिष्ठ अभिनेत्री मोना झा ने कहा कि प्रेमचंद ने संस्कृति को राजनीति के आगे चलने वाली मशाल कहा था और हम लेखक कलाकार इसी दायित्व के साथ आज पदयात्रा कर रहे हैं.

“अमृत काल डॉट कॉम” नाटक की हुई प्रस्तुति

जन संस्कृति मंच के साथी पुनीत ने कहा कि खुद को बदल कर दुनिया बदलने का संदेश लेकर हम पदयात्रा कर रहे हैं. प्रेरणा जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के अध्यक्ष हसन इमाम ने निर्देशन में “अमृत काल डॉट कॉम” नाटक की प्रस्तुति की गई. पटना इप्टा के साथी राजन, संजय, पीयूष, श्वेत प्रीति, मीता तथा जसम के साथी राजन ने जनगीतो का गायन किया. कार्यक्रम को भाकपा जिला सचिव विश्वजीत, असंगठित कामगार यूनियन के साथी विजय कांत, आदि ने भी संबोधित किया.

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