कोरोना अलर्ट के बाद बिहार में बढ़ाया जाएगा जांच का दायरा, बाहर से आने वाले यात्रियों पर रहेगी खास नजर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Dec 2022 2:26 AM

विज्ञापन

पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड आदि जगहों पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ जांच का दायरा भी बढ़ाने के निर्देश जारी किया गया है. हालांकि राजधानी में इन दिनों केस नहीं मिल रहा है, जबकि 500 से अधिक लोगों की रोजाना जांच हो रही है.

विज्ञापन

पटना: चीन समेत दूसरे देशों में कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा है. इसके मद्देनजर पटना जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. एहतियातन सभी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों की भर्ती से लेकर जांच तक की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिये गये हैं. पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड आदि जगहों पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ जांच का दायरा भी बढ़ाने के निर्देश जारी किया गया है. हालांकि राजधानी में इन दिनों केस नहीं मिल रहा है, जबकि 500 से अधिक लोगों की रोजाना जांच हो रही है. ऑपरेशन से पहले कोरोना के लक्षण वालों की जांच करायी जा रही है. ज्यातादर पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीज ही पॉजिटिव आ रहे हैं.

सिविल सर्जन डॉ केके राय ने बताया कि कोरोना से मुकाबले के लिए अस्पताल तैयार हैं. जांच से लेकर मरीजों की भर्ती तक की व्यवस्था पुख्ता है. वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है. दवाओं का स्टॉक भी पर्याप्त है. एंबुलेंस सेवाओं को भी चौकन्ना रहने के लिए कहा गया है. 24 घंटे कंट्रोल रूम का संचालन होगा. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्था में हर सप्ताह करीब 150 से अधिक लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच हो सकती है. सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड की नि:शुल्क जांच हो रही है, वहीं जहां पर बंद है, उसे फिर से शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं.

सतर्क रहने की जरूरत

हालांकि सिविल सर्जन ने कहा कि लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. भीड़-भाड़ में जाने से बचें. मास्क का इस्तेमाल करें. लोगों से हाथ मिलने से बचें. सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण नजर आने पर खुद को आइसोलेट करें. कोरोना की जांच कराने में संकोच न करें. सामाजिक दूरी का पालन करें. सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें.

यह है फैक्ट फाइल

  • पटना जिले में बीते 6 दिसंबर को एक पॉजिटिव केस मिला था

  • एक साल से जिले में कोरोना पूरी तरह से थम गया है

  • 11 मार्च, 2020 में कोरोना वायरस ने पटना में दस्तक दी थी

  • अब तक 1 लाख 89 हजार 293 लोग पॉजिटिव हो चुके हैं

  • अब तक जिले में 2851 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है

  • कोविड की दूसरी लहर में करीब 50 से अधिक अस्पतालों में मरीजों के इलाज की सुविधा थी

  • कुल 8,39059 पॉजिटिव लोगों में 186442 लोग ठीक हो चुके है

लिक्विड ऑक्सीजन टैंक तैयार

  • पीएमसीएच: यहां एक बड़ा व दो छोटे ऑक्सीजन प्लांट हैं. इसके अलावा पांच टैंक हैं. सभी की क्षमता 20-20 हजार लीटर की है.

  • पीएमसीएच में जरूरत पड़ने पर एक साथ पांच हजार मरीजों को ऑक्सीजन दिया जा सकता है

  • यहां 1800 बड़े व 500 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर भी हैं.

आइजीआइएमएस- एक बड़ा व एक छोटा ऑक्सीजन प्लांट है. 20 हजार लीटर की क्षमता से प्लांट लैस है. जरूरत पड़ने पर यहां भी पांच हजार मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकता है. प्लांट में हवा से ऑक्सीजन तैयार किया जाता है

एनएमसीएच व अन्य अस्पतालों में भी है सुविधा

एनएमसीएच में भी ऑक्सीजन का बड़ा प्लांट लगा हुआ है. इसके अलावा पटना एम्स, रेड क्रॉस, राजवंशी नगर हड्डी अस्पताल के अलावा जिले के अनुमंडलीय अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा मुहैया करायी गयी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन