अवैध रूप से नियोजित चार शिक्षकों की सेवा समाप्त

By Prabhat Khabar Digital Desk
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* विभागीय निर्देशों की अवहेलना कर फर्जी तरीके से हुआ था नियोजन
बेतिया : विभागीय निर्देश को ताक पर रख कर वर्ष 2011 में जिला के नौतन प्रखंड के भगवानपुर पंचायत में अवैध रूप से नियोजित चार शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गयी है.

चारों शिक्षकों आरती कुमारी, रिंकू कुमारी, निप्पू कुमारी व निर्मल कुमार का नियोजन विभागीय निर्देश के विरुद्ध बिना वरीय पदाधिकारियों से आदेश प्राप्त किये भगवानपुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय अमरजीत यादव के टोला व प्राथमिक विद्यालय विशंभरपुर छरकी में किया गया था.

अवैध रूप से नियोजित इन चारों शिक्षकों को संबंधित विद्यालय प्रधानों के द्वारा बिना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के गत 17 फरवरी 2011 को योगदान कराया गया था. जबकि विभाग स्पष्ट रूप से यह निर्देशित किया था कि 31 दिसंबर 2010 के बाद किया गया कोई भी नियोजन अवैध माना जायेगा.

संबंधित विद्यालय प्रधानों की इस अनुशासनहीनता के लिए नौतन बीइओ ने अवैध रूप से नियोजित चारों शिक्षकों को योगदान कराने के लिए स्पष्टीकरण की मांग के साथ उन शिक्षकों से विद्यालय में कार्य नहीं लेने का निर्देश भी दिया था. लेकिन संबंधित विद्यालय प्रधान वरीय अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करते हुए अवैध रूप से नियोजित उन चारों शिक्षकों से कार्य लेते रहे. पुन: नौतन बीइओ के द्वारा अवैध रूप से नियोजित शिक्षकों के संबंध में तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक से मार्गदर्शक की मांग की गयी.

इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने अपने पत्रंक 2255 दिनांक 16.06.2011 के माध्यम से नियोजन की वैधता के संबंध में सदस्य शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार से मार्गदर्शन मांगा. लेकिन प्राधिकार द्वारा कोई भी मार्गदर्शन नहीं देने पर डीइओ कार्यालय से अपने पत्रंक 3776 दिनांक 20.06.2012 व पत्रांक 581 दिनांक 24.07.2012 के माध्यम से मार्गदर्शन की अपील की गयी.

इसके आलोक में शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार ने अपने पत्रंक 13 दिनांक 30.01.2013 में पूर्व वाद संख्या 499/10 का हवाला देते हुए सूचित किया कि आदेश संख्या 162 दिनांक 11.02.2011 द्वारा इस वादे का निष्पादन करते हुए वादी गण के दावे को निराधार घोषित किया जा चुका है और इस संबंध में प्राधिकार द्वारा नियोजन करने का कोई भी आदेश नहीं दिया गया है.

इस संबंध में संबंधित नियोजन इकाई को पत्र प्रेषित कर डीपीओ स्थापना ने अवैध रूप से नियोजित चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त करते हुए अद्योहस्ताक्षरी को सूचित करने का निर्देश दिया है.

डीपीओ स्थापना ने अपने पत्र में लिखा है कि प्राधिकार से प्राप्त पत्र से स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत राज भगवानपुर नियोजन इकाई को शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार से शिक्षकों के नियोजन का कोई आदेश प्राप्त नहीं था. ऐसे में चारों शिक्षकों का नियोजन अवैध है और विभाग उनके मानदेय भुगतान के लिए उत्तरदायी नहीं है. वहीं इस मामले में दोषी विद्यालय प्रधानों से भी स्पष्टीकरण की मांग डीपीओ स्थापना के द्वारा की गयी है.

* शिक्षक अपीलीय प्राधिकार ने नियोजन इकाई को नहीं दिया था कोई निर्देश
* मामले में दोषी विद्यालय प्रधानों से स्पष्टीकरण

* दो एचएम सहित लौरिया व बगहा-1 अतिरिक्त बीइओ से स्पष्टीकरण
बेतिया: विद्यालय में अनियमितता व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संबंध में विभागीय दिशा-निर्देशों के हो रहे उल्लंघन के मामले में जिला के दो प्रधानाध्यापकों सहित लौरिया व बगहा-1 अतिरिक्त बीइओ से स्पष्टीकरण की मांग डीइओ द्वारा की गयी है.

सूबे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में नंबर वन पायदान पर रहने वाले पश्चिम चंपारण जिला में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर शिक्षक व विभागीय पदाधिकारी कितने संजीदा है, वह भी तब जब सूबे के मुखिया का जिला में प्रवास हो. इसका खुलासा गत 20 अप्रैल को शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा के हरनाटांड़ दौरे के क्रम में हुआ.

प्रधान सचिव सड़क मार्ग से जब जिला मुख्यालय बेतिया से हरनाटांड़ को रवाना हुए तो लौरिया प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय सिसवनिया के बदरंग भवन पर उनकी नजर पड़ी. भवन देखने से मालूम हुआ कि इसकी रंगाई-पुताई वर्षो से नहीं की गयी हो, जबकि हर साल विद्यालय विकास के लिए विभाग की ओर से राशि मुहैया करायी जाती है.

दौरे के क्रम में बगहा-1 प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बसवरिया पर प्रधान सचिव की नजर पड़ी. यहां सुबह 8 बजे बच्चे वर्ग कक्ष के बाहर खेलते हुए मिले. प्रधान सचिव ने विद्यालयों की इस स्थिति पर काफी खेद भी व्यक्त किया. वहीं इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए डीइओ हरिहर नाथ झा ने प्राथमिक विद्यालय सिसवनिया प्रखंड लौरिया और उत्क्रमित मध्य विद्यालय बसवरिया, बगहा-1 अतिरिक्त के विद्यालय प्रधानों सहित संबंधित बीइओ से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने की मांग की है.

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