दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए अवैध उद्योगों पर कसेगा शिकंजा, 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
Published by : Pritish Sahay Updated At : 17 Dec 2025 5:26 PM
Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण के कारण 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
Delhi Air Pollution: पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को ऐलान किया है कि दिल्ली सरकार तृतीय-पक्ष निगरानी के जरिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) प्रणाली में सुधार करेगी. वाहनों की भीड़ कम करने के लिए एक कार-पूलिंग ऐप विकसित किया जाएगा और यांत्रिक रूप से सड़क की सफाई करने वाली मशीनों और कूड़ा उठाने वाली मशीनों की खरीद के लिए अगले 10 वर्षों में दिल्ली नगर निगम को 2,700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण के कारण सांस लेना दूभर होता जा रहा है. दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के प्रयास में जुटी है. इसी कड़ी में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा- दिल्ली में एक बड़ा सर्वे चल रहा है. हम सभी डीएम के माध्यम से सर्वे करा रहे हैं जो अवैध उद्योगों के खिलाफ है. हम पड़ोसी राज्यों के साथ भी संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने कहा- हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि पड़ोसी राज्यों का AQI भी नीचे आए ताकि प्रदूषण कम हो. उन्होंने कहा कि सरकार 10 हजार इलेक्ट्रिक हीटर दे चुकी हैं ताकि बायोमास न जलाया जाए.
PUC ने बिना नहीं मिलेगा ईंधन- सिरसा
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है. आने वाले कुछ दिनों में पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में स्थिति में कोई खास सुधार होने की उम्मीद नहीं है, इसलिए स्थिति को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. इसी के तहत दिल्ली में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे, जो एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों से अपील करता हूं कि वे कल से अपना पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण) प्रमाणपत्र अपने पास रखें. पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना उन्हें ईंधन नहीं मिलेगा. दिल्ली में निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों से अपील है कि कि वे भारत स्टेज 6 (बीएस 6) उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहन लाएं.
50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में निजी कार्यालयों को निर्देश दिया कि कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की संख्या अधिकतम 50 फीसदी होनी चाहिए और बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा. सरकार ने यह निर्देश गंभीर वायु प्रदूषण के कारण लागू चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP-4) के चौथे चरण के प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है. सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों, परिवहन, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं सहित कुछ क्षेत्रों में हालांकि छूट दी गई है. श्रम विभाग की ओर से जारी एक एडवाइजरी के अनुसार यह निर्देश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की नवंबर में हुई सुनवाई और परामर्श के बाद जीआरएपी में किए गए संशोधनों के बाद जारी किया गया है.
कार पुल्लिंग ऐप विकसित कर रही सरकार- सिरसा
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को घोषणा की है कि सरकार दिल्लीवासियों को सवारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने और सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए एक कार-पूलिंग एप्लिकेशन विकसित करने पर भी काम कर रही है. उन्होंने कहा- हम एक ऐसा कार-पूलिंग ऐप लाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे लोग आसानी से डाउनलोड और उपयोग कर सकें. मंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरे शहर में गड्ढों की निगरानी के लिए एक तृतीय-पक्ष एजेंसी को नियुक्त करने का फैसला लिया गया है. प्रस्तावित प्रणाली के तहत, एजेंसी साल भर सर्वेक्षण करेगी, दिल्ली भर में यात्रा करेगी, गड्ढों की पहचान करेगी, तस्वीरें खींचेगी और अधिकारियों को डेटा पेश करेगी.
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By Pritish Sahay
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