Delhi Air Pollution: दिल्ली वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अधिकारियों द्वारा उठाए जा रहे कदम को बताया टोटल फेल

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 17 Dec 2025 4:32 PM

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धूल और प्रदूषण को कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा, फोटो पीटीआई

Delhi Air Pollution: दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह कुछ सुधार दर्ज किया गया लेकिन पूरे क्षेत्र में धुंध की चादर छाई रही. एक्यूआई 328 दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. इधर प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जिसमें कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाया.

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Delhi Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से रोकने में अधिकारियों द्वारा अब तक उठाए गए कदम पूरी तरह से फेल रहे हैं. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी की कि प्रदूषण में किसी भी सार्थक कमी के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता होगी.

स्कूलों को बंद करने या हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के स्कूलों को बंद करने या स्कूलों के हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ये स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए अधिकारियों द्वारा लिए गए केवल अस्थायी नीतिगत निर्णय थे. अल्पकालिक उपाय केवल बच्चों और बुजुर्गों को अस्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए हैं. ये पूरी तरह से अंतरिम नीतिगत निर्णय हैं. ज्यादा से ज्यादा, इन्हें छुट्टियों के विस्तार के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि स्कूल वैसे भी सर्दियों के दौरान 10 से 15 दिनों के लिए बंद रहने वाले हैं.

कोर्ट ने किसानों को प्रोत्साहन राशि देने पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम और एनसीआर के शहरों के प्रशासन से शहरी परिवहन और किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए प्रोत्साहन राशि देने जैसे मुद्दों पर विचार करने को कहा.

कोर्ट ने निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों का सत्यापन करने और उनके खातों में धनराशि अंतरित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करे.

ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7,000 का सत्यापन पूरा : दिल्ली की सरकार

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7000 का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनके खातों में धनराशि अंतरित कर दी जाएगी. इसपर कोर्ट ने कहा- ऐसा नहीं होना चाहिए कि निर्माण श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई धनराशि गायब हो जाए, किसी अन्य खाते में पहुंच जाए.

कोर्ट ने नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने का दिया सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई और एमसीडी को दिल्ली की सीमाओं पर यातायात सुगम बनाने के लिए नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार करने को कहा.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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