दो तक जमीन की खरीद-बिक्री में परिवार के सभी सदस्याें की अनापत्ति, आधार व रसीद जरूरी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Sep 2019 2:50 AM

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बेतिया : सूबे में दो अक्तूबर से लागू हो रहे नई निबंधन नीति से सात दिन पूर्व ही डीएम डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने जमीन की खरीद बिक्री में परिवार के सभी सदस्यों की अनापत्ति प्रमाण पत्र, आधार व अद्यतन रसीद अनिवार्य कर दिया है. आदेश दिया है कि इन कागजात के मिलने के बाद […]

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बेतिया : सूबे में दो अक्तूबर से लागू हो रहे नई निबंधन नीति से सात दिन पूर्व ही डीएम डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने जमीन की खरीद बिक्री में परिवार के सभी सदस्यों की अनापत्ति प्रमाण पत्र, आधार व अद्यतन रसीद अनिवार्य कर दिया है. आदेश दिया है कि इन कागजात के मिलने के बाद पूर्ण संतुष्टि होने पर ही जमीन की रजिस्ट्री की जाय.

यह आदेश भूमि बिक्री में बड़े पैमाने की जा रही फर्जीवाड़े को लेकर जारी किया गया है. जिसका असर है कि बुधवार को जिले के निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया. जबकि सौ से अधिक दस्तावेज लटक गये हैं. क्रेता, विक्रेता सभी बेचैन दिख रहे हैं.

डीएम ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा है कि उक्त प्रावधान के प्रावधानित होने के पूर्व कई व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से येन केन प्रकारेण तरीके से भूमि की बिक्री किये जाने की संभावना है. वहीं वैसे व्यक्तियों द्वारा भी भूमि धड़ल्ले से बिक्री की जायेगी, जो जमाबंदीदार के परिवार के किसी भी प्रकार से तालुक्कात नहीं रखते है. उन्होंने आशंका जतायी है कि इससे राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति तो होती है लेकिन अनावश्यक भूमि विवाद में वृद्धि होती है.
ऐसे में जिलाधिकारी ने अवैध निबंधन पर रोक लगाने के लिए तत्काल प्रभाव से 2 अक्टूबर तक भूमि निबंधन के पूर्व लेख्यकारी के जमाबंदी सृजन का आधार, लगान रसीद की प्रति का अवलोकन पारिवारिक सूची का अवलोकन एवं पारिवारिक सूची में अंकित सभी सदस्यों की अनापत्ति सभी का आधार कार्ड के अवलोकन के उपरांत हीं पूर्ण संतुष्ट होने के पश्चात ही भूमि का निबंधन करने का आदेश बेतिया, शिकारपुर एवं बगहा के अवर निबंधक को दिया है.
डीएम ने चेतावनी भी दी है कि 23 सितंबर से लेकर दो अक्टूबर के पूर्व तक निबंधित दस्तावेजों की जांच एक दल का गठन कराते हुए कराया जायेगा. ताकि यह ज्ञात हो सके कि निबंधन में निर्देशों का अनुपालन किया गया है. यदि इसमें किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है तो संबंधित पर कानूनी की जायेगी.
क्रेता और विक्रेता ने बताई परेशानी, कहा स्वअर्जित भूमि में एनओसी की मिले छूट : जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में अवर निबंधक ने एक नोटिस चस्पा करते हुए तत्काल प्रभाव से निबंधन पर रोक लगा दिया और डीएम के निर्देशों के आधार पर कागजात संलग्न करने का निर्देश दिया है.
स्थानीय निबंधन कार्यालय में जमीन निबंधन कराने आये कई लोगो ने बताया कि डीएम के इस आदेश से कई सहीं क्रेता व विक्रेता को भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. किसी भी विक्रेता द्वारा स्वयं अर्जित की गयी भूमि में भी पूरे परिवार का अनापति प्राप्त करना गैरवाजिब है. लोगो ने इस निर्देश में शिथिलता लाने की मांग की है.
पूर्व सांसद कैलाश ने की थी शिकायत : वाल्मीकिनगर के पूर्व सांसद कैलाश बैठा ने इस संदर्भ में डीएम से शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि बड़गांव की एक भूमि को महेंद्र पाल के पुत्र निवास ने अगस्त माह में उन्हें बिक्री किया. जबकि इसी भूमि को महेंद्र पाल के दूसरे पुत्र रिपुंजय ने रामअवध को बेच दिया.
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