भारत-नेपाल बॉर्डर के नो मैंस लैंड पर कब्जा, 173 अतिक्रमणकारी चिन्हित, पर कार्रवाई ठप

भारत -नेपाल सीमा
West Champaran: पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा के नो मैंस लैंड में 173 अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई है. हालांकि उनकी सूची अंचल प्रशासन को नहीं मिलने की वजह से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है. प्रशासन ने संबंधित विभागों से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है.
West Champaran: पश्चिम चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े नो मैंस लैंड और उसके आसपास के इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल अटक गई है. कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से प्रशासन अभी आगे की कार्रवाई शुरू नहीं कर पा रहा है. सशस्त्र सीमा बल ने इस इलाके में कुल 173 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया है. एसएसबी ने इन अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए जिला प्रशासन और एसडीएम को पत्र भी भेजा था. इसके बाद प्रशासन की ओर से कुछ जरूरी प्रक्रिया शुरू की गई.
क्यों कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी
एसएसबी के पत्र के आधार पर बगहा-दो अंचल प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा के नो मैंस लैंड और सीमा से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीन की जांच करवाई. लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी. बगहा-दो के सीओ मो. वसीम अकरम ने इस मामले में एसडीएम को पत्र लिखकर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि एसएसबी ने 173 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने की जानकारी तो दी है, लेकिन उनकी पूरी सूची अभी तक अंचल कार्यालय को नहीं दी गई है.
सूची नहीं मिलने की वजह से प्रशासन को यह पता लगाने में परेशानी हो रही है कि वास्तव में किसने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है. इसके अलावा सीमा के 15 किलोमीटर के भीतर जो जमीन पहले अधिग्रहित की गई थी, उसकी जमाबंदी अभी भी पुराने रैयतदारों के नाम पर दर्ज है. इससे भी अतिक्रमणकारियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है.
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जरूरी डॉक्यूमेंट का हो रहा इंतजार
सीओ ने अपने पत्र में यह भी बताया कि पहले भी एसडीएम से अतिक्रमणकारियों की सूची और अधिग्रहित जमीन का नक्शा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक यहडॉक्यूमेंट अंचल प्रशासन को नहीं मिले हैं. उन्होंने एसडीएम चांदनी कुमारी से कहा कि 173 चिन्हित अतिक्रमणकारियों की सूची का वेरिफिकेशन एसपी रामानंद कुमार कौशल से कराया जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.
इसके साथ ही मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए जल संसाधन विभाग को भी जानकारी भेजी गई है फिलहाल प्रशासन जरूरी डॉक्यूमेंट का इंतजार कर रहा है. दस्तावेज मिलने के बाद ही सीमा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो सकेगी.
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लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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