भारत-नेपाल बॉर्डर के नो मैंस लैंड पर कब्जा, 173 अतिक्रमणकारी चिन्हित, पर कार्रवाई ठप
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 05 Mar 2026 6:14 PM
भारत -नेपाल सीमा
West Champaran: पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा के नो मैंस लैंड में 173 अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई है. हालांकि उनकी सूची अंचल प्रशासन को नहीं मिलने की वजह से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है. प्रशासन ने संबंधित विभागों से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है.
West Champaran: पश्चिम चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े नो मैंस लैंड और उसके आसपास के इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल अटक गई है. कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से प्रशासन अभी आगे की कार्रवाई शुरू नहीं कर पा रहा है. सशस्त्र सीमा बल ने इस इलाके में कुल 173 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया है. एसएसबी ने इन अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए जिला प्रशासन और एसडीएम को पत्र भी भेजा था. इसके बाद प्रशासन की ओर से कुछ जरूरी प्रक्रिया शुरू की गई.
क्यों कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी
एसएसबी के पत्र के आधार पर बगहा-दो अंचल प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा के नो मैंस लैंड और सीमा से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीन की जांच करवाई. लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी. बगहा-दो के सीओ मो. वसीम अकरम ने इस मामले में एसडीएम को पत्र लिखकर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि एसएसबी ने 173 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने की जानकारी तो दी है, लेकिन उनकी पूरी सूची अभी तक अंचल कार्यालय को नहीं दी गई है.
सूची नहीं मिलने की वजह से प्रशासन को यह पता लगाने में परेशानी हो रही है कि वास्तव में किसने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है. इसके अलावा सीमा के 15 किलोमीटर के भीतर जो जमीन पहले अधिग्रहित की गई थी, उसकी जमाबंदी अभी भी पुराने रैयतदारों के नाम पर दर्ज है. इससे भी अतिक्रमणकारियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है.
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जरूरी डॉक्यूमेंट का हो रहा इंतजार
सीओ ने अपने पत्र में यह भी बताया कि पहले भी एसडीएम से अतिक्रमणकारियों की सूची और अधिग्रहित जमीन का नक्शा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक यहडॉक्यूमेंट अंचल प्रशासन को नहीं मिले हैं. उन्होंने एसडीएम चांदनी कुमारी से कहा कि 173 चिन्हित अतिक्रमणकारियों की सूची का वेरिफिकेशन एसपी रामानंद कुमार कौशल से कराया जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.
इसके साथ ही मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए जल संसाधन विभाग को भी जानकारी भेजी गई है फिलहाल प्रशासन जरूरी डॉक्यूमेंट का इंतजार कर रहा है. दस्तावेज मिलने के बाद ही सीमा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो सकेगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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