बैठक में नहीं पहुंचीं महिला जनप्रतिनिधि

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 May 2017 4:56 AM

विज्ञापन

मुखियापति ने कहा, नहीं मिल रही शौचालय निर्माण की राशि रक्सौल : गुरुवार को जिला उप विकास आयुक्त सुनील कुमार यादव ने अनुमंडल के सभी मुखिया, जिला पार्षद व प्रखंड प्रमुख के साथ-साथ सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक की. जिसमें लोगों को खुले में शौचालय से होने वाली परेशानी की जानकारी देते हुए हर […]

विज्ञापन

मुखियापति ने कहा, नहीं मिल रही शौचालय निर्माण की राशि

रक्सौल : गुरुवार को जिला उप विकास आयुक्त सुनील कुमार यादव ने अनुमंडल के सभी मुखिया, जिला पार्षद व प्रखंड प्रमुख के साथ-साथ सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक की. जिसमें लोगों को खुले में शौचालय से होने वाली परेशानी की जानकारी देते हुए हर घर में शौचालय बनाने की बात कहीं. लेकिन अनुमंडल से एक भी महिला जनप्रतिनिधि डीडीसी साहब की बैठक में नहीं पहुंची थी और डीडीसी को इससे कोई परेशानी भी नहीं हुयी. बैठक के दौरान इस पर उन्होंने कोई चर्चा नहीं किया.
जबकि महिलाओं को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत का आरक्षण दे रखा है. मुख्य सचिव ने भी इससे पहले एक पत्र जारी करके सभी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि महिला जनप्रतिनिधियों के बदले उनके पति यदि बैठक में शामिल होगें तो उन पर कार्रवाई की जायेगी.
लेकिन जब जिला के इतने वरीय अधिकारी की बैठक में एक भी महिला जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुयी और अधिकारी को परेशानी भी नहीं हुयी तो इससे साफ होता है कि अधिकारी इसको लेकर उदासीन है. वहीं बैठक के पहले कतार से लेकर आखिरी कतार तक महिला जनप्रतिनिधियों के पति आराम से बैठे थे. मौके पर जिला पार्षद इंद्रासन कुमार, जिला पार्षद पति प्रभात कुमार सिंह, मुखियापति अजय कुमार, मुखिया आलोक राय नट, मुखियापति नायाब आलम, मुखियापति सुबोध कुमार, मुखिया अनिल कुमार सिंह, रामगढ़वा प्रमुख पति विशाल कुमार, मुखियापति माधव शरण सिंह, मुखियापति अमरजीत चौरसिया सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधियों के पति मौजूद थे.
इधर, बैठक में एसडीओ श्रीप्रकाश, डीसीएलआर अरुण प्रकाश , बीडीओ अमित कुमार, प्रभात रंजन, अरविंद कुमार गुप्ता, जितेंद्र सिंह आदि मौजूद थे.
बोले डीडीसी
डीडीसी सुनील कुमार यादव ने बैठक के दौरान कहा कि सभी पंचायत के जनप्रतिनिधि अपने-अपने पंचायत में यह सुनिश्चित करें कि उनके पंचायत में सभी घर में शौचालय हो. मुख्यमंत्री ने इसे अपने सात निश्चय कार्यक्रम में शामिल किया है और सभी लोगों की जिम्मेवारी है कि शौचालय बनाने के लिए जागरूकता फैलाये. उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने के लिए पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन किया जाये और जरूरत पड़ने पर 25-25 बार भी ग्राम सभा किया जाये. इसके अलावे भी जो तरीका हो इसे अपनाये. इसके लिए सरकार ने अनुदान के रूप में शौचालय बनवाने वाले प्रत्येक परिवार को 12-12 हजार रुपया प्रोत्साहन के तौर पर देगी. सबसे अधिक शौचालय बनाने वाले पंचायत व प्रखंड को पुरस्कृत किया जायेगा.
नहीं मिल रहा पैसा
प्रखंड के सिसवा पंचायत के मुखिया रामनारायण राय ने कहा कि उन्होंने अपने पंचायत में 1010 शौचालय का निर्माण कराये है. लेकिन अब तक मात्र 410 लोगों को ही प्रोत्साहन राशि के रूप में 12-12 हजार रुपया मिला है. जबकि 600 लोग सरकारी कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. ऐसे में शौचालय निर्माण की गति कैसे तेज हो सकती है. वहीं रामगढ़वा प्रखंड रघुनाथपुर पंचायत के मुखिया मजलुमा खातून के पति मो. कलाम ने माइक पकड़ कर डीडीसी के सामने कहा कि काफी प्रयास के बाद सात सौ लोगों का शौचालय बनाया गया. लेकिन अब तक प्रोत्साहन राशि से 300 लोग वंचित है. जिस पर डीडीसी श्री यादव ने कहा कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गयी है. जांच पूरा होने के बाद सभी लोगों को भुगतान कर दिया जायेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन