192 संदिग्ध नंबरों की जांच पड़ताल में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

Updated at : 31 Jan 2017 5:12 AM (IST)
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192 संदिग्ध नंबरों की जांच पड़ताल में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

फर्जी सिमकार्ड से घोड़ासहन रेलकांड की हुई थी प्लानिंग अजनत अंसारी व मनोज प्रसाद के नाम निर्गत हुआ है सिम गिरफ्तार उमाशंकर पटेल के मोबाइल डिटेल से खुलासा एक दर्जन नंबरों का निकाला गया सीडीआर व कैफ अजनत व मनोज के नाम-पते का हो रहा सत्यापन मोतिहारी : घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की प्लानिंग में […]

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फर्जी सिमकार्ड से घोड़ासहन रेलकांड की हुई थी प्लानिंग

अजनत अंसारी व मनोज प्रसाद के नाम निर्गत हुआ है सिम
गिरफ्तार उमाशंकर पटेल के मोबाइल डिटेल से खुलासा
एक दर्जन नंबरों का निकाला गया सीडीआर व कैफ
अजनत व मनोज के नाम-पते का हो रहा सत्यापन
मोतिहारी : घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की प्लानिंग में आइएसआइ एजेंटों ने फर्जी सिमकार्ड का इस्तेमाल किया था. इनलोगों ने दूसरे के नाम व पते पर सिम निकाल दोनों घटनाओं की रूपरेखा तैयार की गयी थी. यह खुलासा गिरफ्तार उमाशंकर पटेल के मोबाइल फोनबुक में मिले संदिग्ध नंबरों के कॉल डिटेल से हुआ है. उमाशंकर के मोबाइल में सुरक्षा एजेंसियों को फरार गजेंद्र शर्मा, राकेश यादव सहित मुकेश यादव, मोतीलाल पासवान, ब्रजकिशोर गिरि, शंभु गिरि व मुजाहिर अंसारी सहित 192 संदिग्ध नंबर मिले हैं.
उसमें मृतक अरूण राम व दीपक राम का कांटेक्ट नंबर भी मिला है. जांच एजेंसियों ने करीब एक दर्जन मोबाइल नंबरों का डिटेल निकाला है. उसमें गजेंद्र शर्मा द्वारा इस्तेमाल किया गया सिमकार्ड भेलवा के अजनत अंसारी के नाम से निर्गत है, जबकि मृतक अरूण राम द्वारा इस्तेमाल सिमकार्ड रक्सौल श्रीरामपुर के मनोज प्रसाद के नाम से निर्गत है. वहीं मृतक दीपक के मोबाइल का सिमकार्ड भी उसके नाम से नहीं है. उसने भी अपने रिश्तेदार पारस राम के पहचान पत्र पर सिमकार्ड लेकर आपस में बातचीत की है.जांच अधिकारियों ने बताया कि जिनके नाम व पते पर सिम कार्ड निर्गत हुआ है, उनका सत्यापन किया जा रहा है. यह पता लगाया जा रहा है कि उनके द्वारा अपने नाम पर सिम निकाल आइएसआइ एजेंटों को दिया गया है या फिर उनके पहचान पत्र का सिमकार्ड निकालने में गलत इस्तेमाल किया गया है. इसकी छानबीन शुरू कर दी गयी है.
सीडीआर से उमा व गिरि के बातचीत का प्रमाण
उमाशंकर के मोबाइल नंबर का सुरक्षा एजेंसियों ने सीडीआर निकाला है. सीडीआर से यह बात स्पष्ट हो चुका है कि उमाशंकर ने ब्रजकिशोर गिरि से लगातार बातचीत की है. दुबई में बैठे शमशुद से भी बातचीत का प्रमाण मिला है. ब्रजकिशोर की गिरफ्तारी नेपाल में हुई है. वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है. ब्रजकिशोर दोनों घटनाओं का मास्टर माइंड है. शमशुल के इशारे पर घटना को अंजाम दिया था.
उमा के फोनबुक का अधिकतर नंबर स्वीच ऑफ
उमाशंकर के मोबाइल फोनबुक का अधिकतर नंबर स्वीच ऑफ है. जांच अधिकारियों ने बताया कि एक दर्जन के करीब संदिग्ध नंबरों का सीडीआर व कैफ निकाला गया है. वहीं नेपाल में गिरफ्तार ब्रजकिशोर, मुजाहीर व शंभु गिरि के मोबाइल नंबर के सीडीआर व कैफ के लिए नेपाल सरकार से संपर्क किया गया है. साथ ही अन्य नंबरों के सीडीआर व कैफ निकालने की कार्रवाई चल रही है.
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