फायरिंग से दहला रक्सौल

Updated at : 13 May 2016 4:55 AM (IST)
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फायरिंग से दहला रक्सौल

दुस्साहस :जमीन पर कब्जे के लिए पटना से आये थे लोग जमीन पर कब्जा िदलाने को लेकर रक्सौल में जमकर हंगामा हुआ. कब्जा िदलाने के िलए पटना से एक दर्जन से ज्यादा लोग आये थे. इनका सरगना खुद को िनर्दलीय िवधायक अनंत िसंह का भतीजा बता रहा था. रक्सौल : चार डिसमिल जमीन पर कब्जा […]

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दुस्साहस :जमीन पर कब्जे के लिए पटना से आये थे लोग

जमीन पर कब्जा िदलाने को लेकर रक्सौल में जमकर हंगामा हुआ. कब्जा िदलाने के िलए पटना से एक दर्जन से ज्यादा लोग आये थे. इनका सरगना खुद को िनर्दलीय िवधायक अनंत िसंह का भतीजा बता रहा था.
रक्सौल : चार डिसमिल जमीन पर कब्जा दिलाने को लेकर गुरुवार को फायरिंग से रक्सौल दहल गया. हालांकि एसडीपीओ राकेश कुमार की बहादुरी से कब्जा दिलानेवाले कामयाब नहीं हो पाये. रक्सौल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद की मामले में भूमिका संदिग्ध रही है, वो जानकारी के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे. बाद में पहुंचे तो लोगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी. इधर, डीएसपी ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है,
जिनके पास से सात हथियार व एक सौ गोली बरामद की गयी है. लाखों की घड़ी भी मौके से बरामद हुई है. जमीन पर कब्जा दिलानेवाले खुद को मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह का संबंधी बता रहे थे. सुबह नौ बजे शुरू हुआ हंगामा दोपहर 2.30 बजे तब खत्म हुआ, जब एसपी जितेंद्र राणा ने फोन पर इंस्पेक्टर राजेश्वर को निलंबित करने का
फायरिंग से दहला…
आश्वासन लोगों को दिया.
जानकारी के मुताबिक जयपाल साह व पवन यादव के बीच चार डिसमिल जमीन को लेकर विवाद है. हालांकि सालों से इस जमीन पर जयपाल का कब्जा है. यहां पर आधी जमीन पर जयपाल ने बॉर्डर किंग नाम का होटल बनाया है. बताया जाता है कि गुरुवार की सुबह तीन गाड़ियों पर सवार होकर लोग जमीन पर पहुंचे. इन्हें देख कर जयपाल साह की पत्नी व बेटी ने विरोध किया, तो इन लोगों ने कहा कि घर व होटल भी खाली करो. बताया जाता है कि जयपाल के परिजनों को धमकी देते हुये ये लोग घर के अंदर घुस गये और फायरिंग करने लगे. फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग सक्रिय हो गये.
स्थानीय लोगों का कहना है कि फायरिंग की जानकारी रक्सौल थानाध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद को दी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. मौके पर जमीन कब्जा कराने आये लोग जयपाल साह के परिजनों को धमका रहे थे और फायरिंग कर रहे थे. इस दौरान लगभग पंद्रह राउंड फायरिंग की गयी. कुछ ही देर में ये बात पूरे रक्सौल में फैल गयी और लोग जयपाल के पक्ष में गोलबंद होने लगे. बताया जाता है कि इस बीच एसडीपीओ राकेश कुमार को मामले की जानकारी हुई. उन्होंने थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर को फोन करके मौके पर जाने को कहा, लेकिन इंस्पेक्टर ने एसडीपीओ की बात को भी अनसुना कर दिया.
बताया जाता है कि बात बढ़ती देख एसडीपीओ राकेश कुमार अपनी निजी गाड़ी से अंगरक्षक को साथ मौके पर पहुंचे. डीएसपी ने अंगरक्षक की कार्बाइन से मौके पर फायरिंग भी की, जिससे जमीन पर कब्जा दिलाने आये लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन डीएसपी ने दिलेरी दिखाते हुये 12 लोगों को घेर लिया और उन्हें गाड़ी में बैठा कर थाने ले जाने को कहा. इस दौरान एसडीपीओ ने इन लोगों को पिटाई भी की. इस बीच मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गये थे. इन लोगों ने जमीन पर कब्जा दिलाने आये लोगों को पकड़ कर पीटने की कोशिश की, लेकिन मशक्कत के बाद पुलिसवाले इन्हें थाने लेकर पहुंचे.
बताया जाता है कि जिन तीन गाड़ियों से उक्त लोग जमीन पर कब्जा कराने पहुंचे थे. उन पर जयदू का झंडा लगा था. गिरफ्तारी के दौरान दिलीप कुमार सिंह ने खुद को मोकामा के निर्दलीय विधायक अन्नत सिंह का भतीजा बताया. ये बात सुन कर मौके पर जमा लोग और आक्रोशित हो गये और वो उन लोगों को पीटना चाहते थे. आक्र ोशित लोगों ने उन गाड़ियों पर हमला कर दिया था, जिनसे उक्त लोग जमीन पर कब्जा दिलाने आये थे.
इधर, घटना के काफी देर बात मौके पर रक्सौल इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद घटना स्थल पहुंचे. इससे गुस्साये लोगों ने इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया और उनकी जमकर धुनाई की. राजद नेता सुरेश यादव के नेतृत्व में लोगों ने रक्सौल थाने के सामने एनएच28ए को जाम कर दिया.
इन लोगों की मांग थी कि जब तक इंस्पेक्टर पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक ये लोग मौके से नहीं जायेंगे. बताया जाता है कि इसके बाद एसपी जितेंद्र राणा ने फोन किया और इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग माने.
चार डिसमिल है जमीन
जिस जमीन पर कब्जे के लिए पटना से लोग आये थे. वो चार डिसमिल है, जिस पर कब्जा तो जयपाल साह का है, लेकिन इसका मोहादा पवन यादव ने किसी से करा लिया. जो पिछले एक साल से जमीन पर कब्जा करना चाह रहा है. इससे पहले दो बार उसने स्थानीय गिरोह के जरिये जमीन कब्जाने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया था. इस बार पटना के गिरोह से जमी पर कब्जा करवाने की कोशिश की.
12 गिरफ्तार, सात हथियार व 100 गोली जब्त
32 लाख रुपये मूल्य की जमीन पर कराना चाहते थे कब्जा
एसडीपीओ की बहादुरी से पकड़े गये कब्जा करानेवाले
रक्सौल इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल
सूचना के बाद भी मौके पर नहीं गये इंस्पेक्टर
20 बार एसडीपीओ ने किया फोन जमीन पर कब्जे और फायरिंग का बात सुन कर एसडीपीओ राकेश कुमार ने 20 बार इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद को फोन किया, लेकिन इसके बाद भी थानाध्यक्ष मौके पर नहीं गये. बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने भी थानाध्यक्ष को इसकी सूचना दी थी, जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया था. थानाध्यक्ष के इस बर्ताव को लेकर शहर में चर्चा हो रही थी.
जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए ये लोग पटना से आये थे. इनका सरगना दिलीप कुमार सिंह है, जो पटना में रहता है, लेकिन मूल रूप से मोकामा का रहनेवाला है, जो वहां के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह का संबंधी है.
राकेश कुमार, एसडीपीओ, रक्सौल
इनकी हुई गिरफ्तारी
किसलय कुमार, बिहटा, पटना
दिलीप कुमार सिंह, बुद्धा कॉलोनी, पटना
विपिन कुमार शर्मा, राजा बाजार, पटना
चंदन कुमार वर्मा, बुद्धा कॉलोनी, पटना
राजेश कुमार, बुद्धा कॉलोनी, पटना
अबी कुरैशी, दानापुर, पटना
रवीश कुमार, जनवारा, पटना
संदीप पटेल, पाटलिपुत्र, पटना
हरेंद्र पांडेय, सबलपुर, छपरा
अमर प्रताप सिंह, रसुलपुर, थाना नगरा, छपरा
रितुराज, जियकशुन बीघा, जहानाबाद
रामजतन सिंह, रसलपुर, शेखपुरा
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