अपराध . पुलिस लगा रही थी खर्राटा, अपराधी मचा रहे थे तांडव

Updated at : 03 Apr 2016 6:56 AM (IST)
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अपराध . पुलिस लगा रही थी खर्राटा, अपराधी मचा रहे थे तांडव

नाका के पास चली गोली, लेकिन नहीं खुली पुलिसवालों की नींद एक महीना के अंदर नाका के पास दूसरी आपराधिक वारदात मोतिहारी : पुलिस आरामतलवी हो गयी है. जिस समय पुलिस को सड़कों पर रहना चाहिए, पुलिस उस समय खर्राटा भर रही है. अपराधियों ने शनिवार की सुबह इसका ही फायदा उठा नाका नंबर एक […]

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नाका के पास चली गोली, लेकिन नहीं खुली पुलिसवालों की नींद

एक महीना के अंदर नाका के पास दूसरी आपराधिक वारदात
मोतिहारी : पुलिस आरामतलवी हो गयी है. जिस समय पुलिस को सड़कों पर रहना चाहिए, पुलिस उस समय खर्राटा भर रही है. अपराधियों ने शनिवार की सुबह इसका ही फायदा उठा नाका नंबर एक के पास बेखौफ होकर सब्जी व्यापारी इमाम अली को गोली मार 40 हजार रुपये लूट लिया. नाका के पास अपराधी फायरिंग करते हैं, व्यापारी से पैसा लूटते हैं और हथियार लहराते हुए निकल जाते हैं.
खून से लथपथ व्यापारी नाका गेट के पास चिल्ला-चिल्ला कर पुलिस वालों से सुरक्षा की गुहार लगाता है, लेकिन पुलिस की नींद नहीं खुलती है. कुछ देर बाद एक सिपाही बैरक से बाहर निकलता भी है तो झल्लाते पूछता है कि क्यों चिल्ला रहे हो. घायल व्यापारी जब घटना की जनाकारी देता है
तो पुलिस वाले उसे नाका में लेकर बैठते है. पूरी बात सुनते है, उसके बाद इलाज के लिए लेकर जाते है. यह पुलिस की आरामतलवी, लापरवाही व तानाशाही नहीं तो और क्या है. पुलिस का यह पहला उदाहरण नहीं है, इससे पहले नाका से कुछ कदमों की दूरी पर अपराधियों ने सिरियल बम ब्लास्ट किया था. पहले मातुल्या मैचिंग सेंटर में घुस गोली मारी थी, उसके बाद बम विस्फोट करते हुए आराम से निकल गये थे. उस समय भी नाका के प्रभारी मेन रोड में गश्ती के बजाय दलबल के साथ एक समारोह में भोज खा रहे थे.
उनसे पहले एसपी जितेंद्र राणा घटना स्थल पर पहुंच जांच-पड़ताल शुरू कर दिये थे. एक महिना के अंदर नाका के पास दूसरी आपराधिक वारदात हुई है.
साहस दिखाया, लेकिन नहीं मिला सहयोग : अपराधियों ने रोक कर पैसा छीना तो सब्जी व्यापारी इमाम अली एक अपराधी से भीड़ गये.उन्होंने शोर मचाते हुए अपराधी को धक्का देकर पटक दिया.
दो-तीन मिनट तक हाथापायी हुई, उसके बाद गोली मार बैग छीन कर अपराधी फरार हो गये. गोली चलने व व्यापारी के चिल्लाने की आवाज सुन पुलिस नाका से बाहर निकल अपराधियों का पीछा करती तो शायद पकड़े जाते. इमाम अली ने बताया कि न तो पुलिस नहीं सड़कों पर टहलने निकले लोगों ने उन्हें सहयोग किया.
वहीं अपराधियों की पहचान के िलए नाका नंबर एक से लेकर मधुबन छावनी चौक से आगे तक जितने भी प्रतिष्ठान में कैमरे लगे है. पुलिस खंघाल रही है.
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