दो जून की रोटी के मोहताज हैं एक दर्जन आविष्कारक

मोतिहारी : कहा जाता है कि आवश्यकता ही अाविष्कार की जननी होती है. जब जैसा समय आता है तब अाविष्कारक नयी नयी वस्तूओं व यंत्रों का अाविष्कार कर सामाज व राष्ट्र में मिशाल कायम करते हैं. उनके द्वारा किये गये अाविष्कारों की सराहना भी चारों तरफ होती है और सरकार अनेक घोषणाएं करती हैं, लेकिन […]
मोतिहारी : कहा जाता है कि आवश्यकता ही अाविष्कार की जननी होती है. जब जैसा समय आता है तब अाविष्कारक नयी नयी वस्तूओं व यंत्रों का अाविष्कार कर सामाज व राष्ट्र में मिशाल कायम करते हैं. उनके द्वारा किये गये अाविष्कारों की सराहना भी चारों तरफ होती है और सरकार अनेक घोषणाएं करती हैं, लेकिन उसपर अमल कितना होता है पूर्वी चंपारण जिले के दर्जनों अाविष्कारकों की हालत को देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है.
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कामयाबी का लोहा मनवाने वाले दर्जनों अाविष्कारक दो जून की रोटी के लिए मोहताज हैं और गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं. अभी कोई शहद बचता है तो कोई सड़क के किनारे दूकान चलाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




