41 वर्ष बाद भी बंजरिया थाना को नहीं मिला प्राथमिकी का अधिकार

सुगौली सीमा से सटे हुए गांव तक है बंजरिया थाना का क्षेत्र प्रतिवर्ष औसतन दर्ज होती है 300-350 कई तरह की प्राथमिकी बंजरिया : कहने को तो प्रखंड में बंजरिया थाना की स्थापना की गयी. लेकिन बंजरिया थाना को 41 वर्षों बाद भी प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार नहीं मिला. इसको लेकर बंजरिया के लोगों […]
सुगौली सीमा से सटे हुए गांव तक है बंजरिया थाना का क्षेत्र
प्रतिवर्ष औसतन दर्ज होती है 300-350 कई तरह की प्राथमिकी
बंजरिया : कहने को तो प्रखंड में बंजरिया थाना की स्थापना की गयी. लेकिन बंजरिया थाना को 41 वर्षों बाद भी प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार नहीं मिला. इसको लेकर बंजरिया के लोगों को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए 20 किलोमीटर दूर तुरकौलिया थाना का चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि बंजरिया में अपना थाना भवन है.
अंचल व प्रखंड कार्यालय भी बन गया है. इसे बिडंबना कहें या अधिकारियों की उदासीनता. जानकारी के अनुसार बढ़ते आपराधिक घटनाएं एवं तुरकौलिया थाना से दूरी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने अथक प्रयास के बाद बंजरिया में 1979 में थाना की स्थापना हुई. पहले तो अस्थायी भवन में चल रहा था, लेकिन एक दशक से बंजरिया थाना को अपना भवन भी हो गया है, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार नहीं मिला. थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारियों को कांड दैनिकी के लिए तुरकौलिया थाना जाना पड़ता है. यह सदर अनुमंडल के अधीन है.
बंजरिया प्रखंड में 13 पंचायत आते हैं, जबकि थाना अंतर्गत 12 पंचायतें हैं. प्रखंड जनसंख्या करीब 1.75 लाख है. उक्त थाना 40 किलोमीटर में फैला है. अगर बंजरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज होने लगे तो आवेदन को तुरकौलिया थाना जाने के झंझट से मुक्ति मिल जायेगी. थाना सूत्रों के अनुसार प्रतिवर्ष बंजरिया के करीब 350 प्राथमिकी तुरकौलिया थाना में दर्ज की जाती है.
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