2011 के बाद प्रधान डाकघर में सीबीआई की दूसरी छापेमारी

Updated at : 12 Apr 2018 5:26 AM (IST)
विज्ञापन
2011 के बाद प्रधान डाकघर में सीबीआई की दूसरी छापेमारी

मोतिहारी : फर्जी बहाली व बगैर यात्रा एलटीसी भुगतान को ले सुर्खियों में रहे प्रधान डाकघर में सीबीआई की बुधवार को दूसरी छापेमारी हुई, जिसमें प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर सुनिल कुमार श्रीवास्वत गिरफ्तार हुए. मामला करीब पांच हजार रुपये रिश्वत का था. इसके पूर्व 2011 में फर्जी प्रमाण पत्र मामले में सीबीआई ने संजय पासवान […]

विज्ञापन

मोतिहारी : फर्जी बहाली व बगैर यात्रा एलटीसी भुगतान को ले सुर्खियों में रहे प्रधान डाकघर में सीबीआई की बुधवार को दूसरी छापेमारी हुई, जिसमें प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर सुनिल कुमार श्रीवास्वत गिरफ्तार हुए. मामला करीब पांच हजार रुपये रिश्वत का था. इसके पूर्व 2011 में फर्जी प्रमाण पत्र मामले में सीबीआई ने संजय पासवान को गिरफ्तार किया था.

इसके पूर्व 2000 के दशक में डाकघर के करीब 70 कर्मियों ने फर्जी तीर्थयात्रा व पर्यटन स्थल घर बैठे घुमकर सरकार को लाखों रुपये का चुना लगाया था, जिसके जांच में करीब एक दर्जन लोगों पर कार्रवाई हुई. उस जद में वर्तमान में गिरफ्तार सुनिल कुमार श्रीवास्तव भी थे. फर्जीवाड़े की कड़ी में 2015 में 34 डाककर्मियों का फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाली का मामला सामने आया. जांच में करीब दो वर्ष लगे. मामले में फर्जी प्रमाण पत्र पाये जाने को ले करीब 28 कर्मी को निलंबित कर दिया गया है.
कुछ का मामला जांच के दायरे में है. इसके बाद 11 अप्रैल की कार्रवाई में सुनिल कुमार श्रीवास्तव आधार काउंटर पर कार्यरत सुनिल राम से रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए. यह मामला प्रधान डाकघर सहित जिले के डाकघरों में आग की तरह फैली और हड़कंप मच गया. सीबीआई को हल्का विरोध का भी सामना करना पड़ा. अंतत: सुनिल को एक टीम साथ लेकर पटना चली गयी. दूसरी टीम समाचार प्रेषण तक बरियारपुर स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है. घटना के पीछे का कारण यह बताया जा रहा है कि सुनिल राम कोचिंग संचालन करते है और कार्यालय आने में विलंब होती है. इसके एवज में वे प्रतिमाह एक निर्धारित रकम पोस्टमास्टर को दिया करते थे. राशि में कमी करने को ले विवाद हुआ, जहां उनसे समय से आने की बात कहीं गयी. बात न बनी तो मामला सीबीआई तक पहुंचा और सुनिल श्रीवास्तव रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए. पूछने पर पोस्टमास्टर श्री श्रीवास्तव ने अपने को बेकसूर बताया है. दूसरी ओर कोचिंग संचालन व लेट आने के आरोप से घिरे सुनिल राम से संपर्क का प्रयास विफल रहा. कुल मिलाकर इस गिरफ्तारी से डाकघर में चल रहे फर्जीवाड़े व रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश हुआ है. सूत्रों के अनुसार सीबीआई जांच में कुछ और लोग जा जाये तो आश्चर्य नहीं.
फर्जी प्रमाण पत्र मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं संजय
एलटीसी फर्जीवाड़ा मामले में एक दर्जन पर हो चुकी है कार्रवाई
2015 फर्जी बहाली में करीब 28 कर्मचारी हो चुके हैं निलंबित
सीबीआई छापेमारी के बाद कई कर्मी जांच एजेंसी के रडार पर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन