इंस्पेक्टर कार्यालय में ही जबरन बनवाया गया 30 लाख की जमीन का कागजात

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Sep 2017 8:44 PM

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रक्सौल : स्थानीय पुलिस पर आरोप लगा है कि कोईरियाटोला निवासी शिवनारायण महतो को प्रताड़ित कर 30 लाख की जमीन अपने एक करीबी रौशन अग्रवाल के नाम से बिना रुपये दिये निबंधन करा लिया गया है. शिव नारायण महतो एवं उनकी पत्नी शांति देवी ने आरोप लगाया है कि 13 सितंबर की सुबह रक्सौल इंस्पेक्टर […]

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रक्सौल : स्थानीय पुलिस पर आरोप लगा है कि कोईरियाटोला निवासी शिवनारायण महतो को प्रताड़ित कर 30 लाख की जमीन अपने एक करीबी रौशन अग्रवाल के नाम से बिना रुपये दिये निबंधन करा लिया गया है. शिव नारायण महतो एवं उनकी पत्नी शांति देवी ने आरोप लगाया है कि 13 सितंबर की सुबह रक्सौल इंस्पेक्टर उग्रनाथ झा व कुमार रौशन अपने दो सहयोगियों के साथ उसके घर पहुंचे. कहा कि तुम्हारा बेटा संजय कुमार रौशन अग्रवाल का 60 लाख रुपये लूट लिया है. तुम अपने बेटे को हाजिर करो, नहीं तो रौशन अग्रवाल का पैसा लौटा दो. इंस्पेक्टर ने पूरे परिजनों को धमकी देते हुए एक सप्ताह का वक्त दिया. पुन: 24 सितंबर को उनके घर पहुंचे और उनके पति शिवनारायण महतो को थाना ले गये. थाने ले जाने के बाद उनके पति को डराया धमकाया गया. वहीं पर राकेश नामक कातिब से जमीन के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिया गया. 25 सितंबर को पुलिस की देख-रेख में कोईरियाटोला की खाता संख्या 65 खेसरा- 966 रकबा- 9 धूर जमीन रजिस्ट्री करा ली गयी.

इधर, शिव नारायण महतो का कहना था कि पूरे जीवन में हम इतना बेईज्जत नहीं हुए हैं. पुलिस ने हमें इतना जलील किया कि हमने जमीन को निबंधित कर दिया. पूरी प्रक्रिया में एक रुपये का भी लेन-देन नहीं हुआ. शिव नारायण महतो का कहना है कि उसका बेटा संजय 13 सितंबर से ही गायब है. पुलिस उसे 13 सितंबर से ही ढूंढ़ रही है. कागज में लिख दिया गया है कि मैं रौशन अग्रवाल से 30 लाख रुपये लेकर संजय को दे दिया. पुलिस हमें इस बात को लेकर प्रताड़ित करती रही कि संजय रौशन का 60 लाख रुपये लूट लिया है. इसके बदले जो जमीन हमसे लिखायी गयी, उसकी कीमत 60 लाख से भी अधिक है. गुरुवार को शिव नारायण महतो उनकी पत्नी शांति देवी पुलिस कप्तान के ई-मेल आईडी के साथ-साथ आवेदन भेजने के बाद मोतिहारी उनसे मिल कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने पहुंची.

सूत्रों का कहना है कि शिव नारायण महतो से जमीन निबंधित कराने के बाद कानना निवासी एक अन्य आरोपित संजय कुमार से भी मोतिहारी निबंधन कार्यालय में जमीन लिखवायी गयी है. प्रभात खबर की टीम जब कानना स्थित संजय कुमार के घर पहुंची, तो संजय की पत्नी अंजू देवी के चेहरे पर खौफ था. उनके साथ उनका एक पुत्र व एक पुत्री थी. उन्होंने कहा मुझे किसी से कुछ नहीं कहना है. जिस दिन पुलिस मेरे नाबालिग बच्चे को उठा कर ले गयी थी, तो मुझसे कोई पूछने नहीं आया था. मेरे लिए मेरा पति संजय मर चुका है. मुझे मेरी जमीन से भी कोई मोह नहीं है.

इधर, जमीन निबंधित करने के कागजात तैयार करनेवाले कातिब राकेश से पूछा गया, तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि मुझे रविवार को थाना बुलाया गया था. वहां शिव नारायण महतो की जमीन का पेपर तैयार करने के लिए कहा गया था. मेरे पास स्टांप पेपर नहीं था. इसलिए मैंने मुन्ना श्रीवास्तव को थाने में बुलाया. थाने में ही शिव नारायण महतो से जमीन के कागजात पर ‘सही’ छाप कराया गया. उसने स्वीकार किया कि इस दौरान इंस्पेक्टर उग्रनाथ झा वहीं थे. कातिब राकेश ने यह भी बताया कि शिव नारायण महतो को कहा गया कि उसका बेटा जो पैसा लिया है, उसे वापस कर देगा, तो जमीन वापस कर दी जायेगी. उससे बात होने के थोड़ी देर बाद कातिब मुन्ना श्रीवास्तव ने फोन कर के बताया कि मुझे थाना बुलाया गया, मेरे पास स्टांप था. मेरे सामने ही शिव नारायण महतो से छाप दस्तखत कराया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे इससे ज्यादा कुछ मालूम नहीं है. यदि थाने के सीसीटीवी फुटेज में देखा जायेगा तो सब स्पष्ट हो जायेगा.

जमीन निबंधन करानेवाले रौशन अग्रवाल के मोबाइल पर फोन करके पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मिल कर बात करते हैं. उनसे यह कहा गया कि जो भी अपना पक्ष रखना है, मोबाइल के ही माध्यम से रख दें, तो वे यह निवेदन करते रहे कि मिल कर बात करते है. फिर उन्होंने प्रभात खबर कार्यालय पहुंच कर अपनी बात रखने की बात कही. लेकिन, वे नहीं पहुंच सके. वहीं, रक्सौल थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि शिव नारायण महतो को कोई शिकायत है, तो उन्हें मुझसे कहना चाहिए. ऐसे थाने में जमीन का कागजात नहीं बना है. उनसे यह भी कहा गया कि दोनों कातिब राकेश व मुन्ना ने भी कहा है कि थाने में ही कागजात बना, तो इस पर उन्होंने कहा कि बाद में मिल कर बात करते हैं. हरैया थानाध्यक्ष कुमार रौशन ने पूछे जाने पर कहा कि मुझे इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है. इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की जांच करायेंगे.

क्या है मामला

13 सितंबर को शहर में एक चर्चा जोरों से उठी की रौशन अग्रवाल का 60 लाख रुपया मुजफ्फरपुर से अमर ज्योति बस से उनका एक स्टॉफ लेकर रक्सौल पहुंचा. इसी दौरान कानना निवासी संजय कुमार, कोईरीयाटोला निवासी संजय कुमार व कोईरीयाटोला के ही एक अन्य युवक ने मिल कर लूट लिया है. लेकिन, इसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी. इधर, रक्सौल के कोईरीयाटोला निवासी संजय कुमार के पिता शिव नारायण महतो से 60 लाख बाजार मूल्य की जमीन रौशन अग्रवाल के नाम पर निबंधन करायी गयी है, तो कानना निवासी संजय कुमार की पत्नी अंजू देवी से भी जमीन रजिस्ट्री कराये जाने की चर्चा है.

कैश लेन-देन की बात

कोईरीयाटोला की 9 धूर जमीन का सरकारी मूल्य कागजात में 30 लाख 24 हजार लिखा गया है. साथ ही कागजात में कहा गया है कि रुपया कैश दिया गया है. जबकि, वर्तमान नियम के मुताबिक दो लाख से अधिक रुपया कैश नहीं दिया जाना है.

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