पिस्टल से मारी थी गोली
Updated at : 20 Jul 2017 12:49 PM (IST)
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अपराध जगत में पैठ बनाना दीपक का था मकसद बबलू के आपराधिक साम्राज्य को विस्तार करने का था प्लान मोतिहारी : छतौनी के किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या के पीछे अपराधियों का मकशद शहर में बर्चस्व कायम कर रंगदारी वसूलना था. कुख्यात बबलू दूबे की हत्या के बाद उसके गिरोह के आतंक को जीवंत […]
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अपराध जगत में पैठ बनाना दीपक का था मकसद
बबलू के आपराधिक साम्राज्य को विस्तार करने का था प्लान
मोतिहारी : छतौनी के किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या के पीछे अपराधियों का मकशद शहर में बर्चस्व कायम कर रंगदारी वसूलना था.
कुख्यात बबलू दूबे की हत्या के बाद उसके गिरोह के आतंक को जीवंत करने के ख्याल से दीपक पासवान व भास्कर दूबे ने मिल बड़ी घटना की साजिश रची. साजिश में छतौनी का दवा व्यवसायी पप्पु कुशवाहा भी शामिल था. उसने किराना व्यवसायी से पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए शातिर दीपक व भास्कर को उकसा कर उसकी हत्या करवायी. घटना को अंजाम देने के लिए अपराधी एके-47 लेकर गये थे, लेकिन व्यवसायी को गोली पिस्टल व देसी कट्टा से मारी.
अपने सेफ्टी के लिए बदमाश एके-47 साथ लेकर गये थे. एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि घटना स्थल से 315 बोर का सिर्फ तीन खोखा ही मिला था.
व्यवसायी को भी तीन गोली ही लगी थी. उसके शरीर पर गोली के तीन निशान ही मिले थे,लेकिन अपराधियों का वोल्टेज हाई करने व दहशत फैलाने के लिए व्यवसायी को 12 गोली लगने व एक दर्जन से अधिक फायरिंग के बात की अफवाह फैलायी गयी थी. उन्होंने कहा कि जिले में सिर उठाने वाले अपराधियों का पुलिस सिर कुचल देगी. अपराधियों को उनके मांद से खींच कर लाया जायेगा. इसके लिए पुलिस की स्पेशल टीम को सशक्त किया गया है.
छापेमारी में शामिल पुलिस पदाधिकारी : सदर डीएसपी पंकज कुमार रावत छापेमारी टीम का नेतृत्व कर रहे थे. टीम में छतौनी इंस्पेक्टर विजय कुमार, नगर इंस्पेक्टर आनंद कुमार, चकिया इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, रक्सौल इंस्पेक्टर उग्रनाथ झा, हरैया थानाध्यक्ष कुमार रौशन, आदापुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार के अलावेदारोगा अमितेश कुमार, संजीव कुमार, शैलेंद्र कुमार, नागेंद्र सहनी सहित अन्य शामिल थे.
अरुण व दीपक ने किये कई अपराध
गिरफ्तार अरूण यादव ने दीपक के साथ मिल कर कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है. गोपालगंज में रंगदारी, अपहरण व बम विस्फोट की घटना को दोनों ने मिल कर अंजाम दिया था. उसने दोनों जेल भी गये थे. एक तरह से कहा जाये तो दीपक का सबसे विश्वासी अरूण यादव ही है. वहीं प्रकाश शर्मा भी दीपक व अरूण के साथ बराबर का गुनेहगार है.
बबलू का देखता था सारा कारोबार
कुख्यात बबलू दूबे का सारा कारोबार देखता था गिरफ्तार भाष्कर दूबे. वह पलनवा भेलाही का रहने वाला है. बबलू जब जिंदा था तो रंगदारी वसूलने से लेकर उसके पैसों को रोजगार में लगाने का काम करता था. उसकी बहन से ही बबलू ने शादी की थी. नेपाल में रहकर बबलू के आपराधिक सम्रराज्य की देख-रेख व संचालन करता था.
दीपक से पप्पू की है पुरानी दोस्ती
व्यवसायी हत्याकांड में फरार चल रहे कुख्यात दीपक से दवा व्यवसायी पप्पt कुशवाहा का पुराना दोस्ताना है. यही कारण है कि उसने किराना व्यवसायी से पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए दीपक को उकसा कर उसकी हत्या करायी. पप्पू का आठ साल पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है. वर्ष 2009 में रंगदारी के एक मामले में जेल भी गया था.
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