अब मोबाइल से खुद भरें अपनी जानकारी, 17 अप्रैल से शुरू हो रही है देश की पहली डिजिटल जनगणना

सांकेतिक तस्वीर
Census 2026 : देश में होने वाली जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है. पटना समेत पूरे बिहार में 17 अप्रैल से लोग मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे. एक मई तक स्वघोषणा का मौका दिया गया है, जिसके बाद घर-घर सर्वे शुरू होगा.
Census 2026: भारत में जनगणना का इंतजार अब खत्म होने वाला है, लेकिन इस बार अंदाज बिल्कुल बदला हुआ होगा. अगर आप लाइनों और फॉर्म भरने की झंझट से बचना चाहते हैं, तो घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा सकते हैं.
17 अप्रैल से आपको बस कुछ सवालों के जवाब देने होंगे. यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है, जिसमें कागज-कलम की जगह मोबाइल ऐप और सीएमएमएस पोर्टल का जादू चलेगा.
मोबाइल ऐप से खुद दर्ज करें 33 सवालों के जवाब
17 अप्रैल से 1 मई तक का समय हर नागरिक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इस दौरान आप जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने परिवार, मकान की स्थिति और घर में मौजूद सुख-सुविधाओं से जुड़े 33 सवालों के जवाब खुद दर्ज कर सकते हैं.
इसमें बिजली, पानी, इंटरनेट का उपयोग और घरेलू उपकरणों जैसी बुनियादी जानकारियां शामिल होंगी. खास बात यह है कि यदि एक ही परिसर में परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग रसोई का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें अलग इकाई मानकर उनकी गिनती की जाएगी. यह स्वघोषणा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको प्रगणकों के लंबे इंतजार से मुक्ति मिल सकती है.
दो चरणों में होगी पूरी जनगणना
जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं भर पाएंगे, उनके लिए सरकार ने दो चरणों में सर्वेक्षण की योजना बनाई है. पहले चरण का काम 2 मई से 31 मई 2026 के बीच होगा, जिसमें जनसंख्या कर्मी घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और आवासीय व गैर-आवासीय इकाइयों की पहचान करेंगे.
इसके ठीक बाद, दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जो मुख्य रूप से जनसंख्या की वास्तविक गिनती पर केंद्रित होगा. पटना जैसे बड़े जिलों में इसके लिए 46 चार्ज बनाए गए हैं और हजारों कर्मियों को डिजिटल ट्रेनिंग दी जा चुकी है ताकि डेटा एंट्री में कोई गलती न हो.
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और मॉनिटरिंग से जुड़ी
जनगणना का पूरा काम मोबाइल ऐप और सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के जरिए किया जाएगा. गणनाकर्ता घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से ही डेटा इकट्ठा करेंगे. इससे डेटा की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी.
पटना जिले में जनगणना के लिए 46 चार्ज बनाए गए हैं. इसमें 23 प्रखंड, 22 नगर निकाय और दानापुर कंटोनमेंट एरिया शामिल हैं. करीब 175 चार्ज अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है, जो आगे अपने अधीनस्थ कर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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