पटना मरीन ड्राइव के बाद मुंगेर में बनेगा गंगा पथ, अलाइनमेंट फाइनल, डीएम ने शुरू कराया सर्वे

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गंगा पथ (सांकेतिक तस्वीर)

Ganga Path Project: मुंगेर में गंगा पथ निर्माण को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. डीएम ने तकनीकी टीम के साथ कई प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया. संभावित रूट की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. साथ ही बाढ़ सुरक्षा, तटबंध मजबूती और राहत व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने पहले से सक्रियता बढ़ा दी है.

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Ganga Path Project: मुंगेर में गंगा किनारे बनने वाले गंगा पथ को लेकर प्रशासन ने अब जमीनी तैयारी तेज कर दी है. सोमवार को डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने प्रस्तावित गंगा पथ के लिए तय किए गए संभावित रूट का निरीक्षण किया. इस दौरान पटना से पहुंची टेक्निकल टीम भी उनके साथ मौजूद रही. प्रशासन ने साफ किया है कि इस परियोजना को लेकर शुरुआती काम शुरू हो चुका है और जल्द डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी.

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हेरुदियारा से कष्टहरणी घाट तक अधिकारियों ने देखा पूरा रूट

निरीक्षण के दौरान डीएम और तकनीकी टीम ने हेरुदियारा से लेकर कर्बला, दोमंठा घाट, कंकर घाट, बेलन बाजार घाट, सोझी घाट, बबुआ घाट और कष्टहरणी घाट तक पूरे क्षेत्र का जायजा लिया. टीम ने जमीन की स्थिति, नदी किनारे की बनावट, संभावित रास्ते और निर्माण की व्यवहारिकता को बारीकी से देखा. अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि किस हिस्से में निर्माण आसान होगा और कहां अतिरिक्त तैयारी की जरूरत पड़ेगी.

विस्तृत रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगा काम

जांच के बाद डीएम ने कहा कि पूरे निरीक्षण के आधार पर अलाइनमेंट की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी. विभागीय मंजूरी मिलते ही परियोजना की अगली प्रक्रिया शुरू होगी. प्रशासन का मानना है कि गंगा पथ बनने से मुंगेर शहर को विकास की नई दिशा मिलेगी, आवाजाही बेहतर होगी और गंगा किनारे का इलाका भी आधुनिक रूप में विकसित हो सकेगा.

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बाढ़ सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन अलर्ट

गंगा पथ के निरीक्षण के साथ जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी हैं. डीएम ने कई घाटों और तटबंधों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. जहां तटबंध कमजोर दिखे या सुरक्षा व्यवस्था कम लगी, वहां अधिकारियों को तुरंत जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया. प्रशासन का फोकस इस बार बाढ़ आने से पहले तैयारी पूरी करने पर है ताकि लोगों को कम परेशानी हो.

डीएम ने एडीएम आपदा समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री, सुरक्षित स्थानों की पहचान, तटबंधों की निगरानी और संवेदनशील घाटों पर विशेष नजर रखी जाए. हर साल बाढ़ के दौरान होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बार पहले से मजबूत तैयारी करने पर जोर दिया गया है. गंगा पथ और बाढ़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सक्रियता से लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि मुंगेर को आने वाले समय में विकास और सुरक्षा दोनों का फायदा मिल सकता है.

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