प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: 'मेरी मम्मी कहां है?', जाल में फंसकर बची 5 साल की मासूम, नेपाल बाढ़ में खो गया पूरा परिवार

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नेपाल में जल प्रलय की भयावह तस्वीर

Nepal Flood Tragedy: नेपाल की भीषण बाढ़ ने पांच साल की इशारा तामांग से उसकी मां को छीन लिया. रसुवा में तेज बहाव के दौरान जाल में फंसने से उसकी जान बच गई. घायल हालत में वह काठमांडू के टीचिंग अस्पताल पहुंची, लेकिन साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं है. अब सोशल मीडिया से पिता की तलाश जारी है.

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Nepal Flood Tragedy: नेपाल की राजधानी काठमांडू के महाराजंग में स्थित टीचिंग अस्पताल के अंदर और बाहर दर्द और गम है. प्रभात खबर की टीम शुक्रवार को लगभग एक घंटे तक टीचिंग अस्पताल में रही और ग्राउंड जीरो पर नेपाल की त्रासदी का दर्द समझने के दौरान अस्पताल में कई ऐसी बातें सामने आयीं, जिसने झकझोर कर रख दिया. पांच साल की बच्ची इस अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती है.

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बच्ची का सबकुछ छीन गया

विनाशकारी भूकंप ने इस पांच साल की बच्ची का सब कुछ छिन लिया है. बाढ़ के तेज बहाव में बहने के बाद जाल में फंसकर किसी तरह उसकी जान बची. उसके शरीर पर चोट के निशान हैं, गले में सपोर्ट के लिए कॉलर लगा है और हाथ में कैनुला लगी हुई है.

सबसे दर्दनाक बात यह है कि अस्पताल में उसकी देखभाल करनेवाला परिवार का कोई सदस्य नहीं है. बाढ़ की भयावहता अब भी उसके मन से नहीं निकली है. वह कभी आंखें खोलकर आसपास देखती है और फिर चुपचाप आंखें बंद कर लेती हैं.

अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी ही उसे दवा देने, खाना खिलाने, कपड़े पहनाने और उसकी जरूरतों का ध्यान रखने में जुटे हैं. वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि बच्ची को रसुवा के खाल्टे इलाके में बाढ़ के तेज बहाव से जाल में फंसी अवस्था में बचाया गया था. बुधवार को उसे गंभीर हालत में अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के रेड जोन में लाया गया. बाद में उसे पेडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया है.

आंख खुलते ही बताया अपना नाम

अस्पताल के चिकित्सक और बच्ची की देखभाल कर रहे चिकित्सक डॉ विवेक गुरुङ के अनुसार, उसे अभी पूरी तरह होश में नहीं आयी है. हालांकि, आंखें खोलते ही उसने अपना नाम ‘इशारा तामांग’ बताया. इसी के आधार पर उसकी पहचान हो सकी. धीरे-धीरे उसने बताया कि वह रसुवा की रहनेवाली है और बाढ़ के समय अपनी मां के साथ थी.

मासूम ने चिकित्सकों को बताया, मम्मी को बहा ले गया. मैं छलांग लगाकर आगे बढ़ी, तो जाली में अटक गयी. इसके बाद वह जाल में फंस गयी और उसी अवस्था में उसका रेस्क्यू किया गया.

पांच साल की बच्ची के इन चंद शब्दों में उस भयावह आपदा की पूरी कहानी समाई हुई है. अस्पताल की अटेंडेंट पवित्रा मगर ने बताया कि परिवार का कोई सदस्य अब तक इशारा के संपर्क में नहीं आया है. ऐसे में डॉक्टर से लेकर अस्पताल के कर्मचारी तक उसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रहे हैं.

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सोशल मीडिया से हो रही पिता की तलाश

इशारा के पिता की तलाश अब सोशल मीडिया के माध्यम से भी की जा रही है. चेजिङ लामा नाम के फेसबुक अकाउंट से लोगों से इशारा के पिता को खोजने में मदद करने की अपील की गयी है. बताया गया है कि बच्ची के अनुसार उसके पिता काठमांडू में रहते हैं.

सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी बताया गया है कि इशारा रसुवा के उत्तरगया गाऊंपालिका-1, सातबीसे स्थित श्री रामचन्द्र माध्यमिक विद्यालय की छात्रा है. उसके स्कूल से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल विद्यालय के किसी जिम्मेदार व्यक्ति से प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हो सका है. एक तरफ अस्पताल में बाढ़ में लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में पहुंच रहे हैं. वहीं, इशारा अस्पताल में मौत से संघर्ष के बाद सुरक्षित है.

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