राजपुर. कोचस मुख्य राजपुर से होकर कौआ खोंच तक जाने वाला मुख्य नहर पथ पर जगह-जगह गड्ढा बन जाने से हादसे की संभावना अधिक बढ़ गयी है. इस पथ से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छोटी गाड़ियों का परिचालन है. बड़ी गाड़ियों का परिचालन कई महीने से बंद हो गया है. गड्ढा हो जाने से अक्सर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. दो जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले इस रोड पर बक्सर चौसा से रोहतास जिले के कई गांवों तक जाने वाला यह पथ काफी खराब हो गया है. सबसे बड़ी बात है की इस क्षेत्र के धनसोई, बन्नी, छतौना, दुल्फा, सिकठी, सुजायतपुर के अलावा लगभग सात पंचायत के सैकड़ों लोग प्रतिदिन प्रखंड मुख्यालय राजपुर में आवश्यक काम के लिए आते हैं. इस पथ की कुल लंबाई लगभग 22 किलोमीटर है. जिस पथ पर गड्ढा होने से लगभग दो से ढाई घंटे में सफर हो रहा है. हर 500 मीटर पर गड्ढा होने से गाड़ियों की गति बहुत धीमी हो जाती है. जिसमें सबसे अधिक खराब स्थिति छतौना, दुल्फा, लालाचक के नजदीक की है. यहां लगभग दो से ढाई फीट तक गड्ढा हो जाने से यहां गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से बंद है. वर्षा होने पर इस रास्ते से होकर जाने वाले लोगों को दूसरे रास्ते से होकर लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है. इस पथ का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था. तब से आज तक इसका मरम्मत भी नहीं हुआ. हर बार चुनाव में जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया लेकिन काम नहीं हुआ. इस बार भी यह चुनावी मुदा न बनकर जाति एवं शीर्ष नेतृत्व पर केंद्रित रहा. बीते 15 सालों में इस रोड का नामोनिशान मिट गया है. पता ही नहीं चलता कि यहां कभी रोड था. इसी रास्ते से होकर स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भी जाते हैं. वर्षा होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है. गंदे पानी का कीचड़ इनके ड्रेस पर पड़कर गंदा हो जाता है. स्थानीय ग्रामीण चंदन सिंह,विजेंद्र सिंह, रवि रंजन सिंह, गौतम सिंह, आजाद सिंह, परमेश्वर सिंह, दीवान सिंह ने बताया कि रोड बनने के बाद अब तक इसका मरम्मत नहीं हुआ. जिसको लेकर कई बार आवाज उठाया गया. फिर भी ध्यान नहीं है. इस बार उम्मीद है कि इसका मरम्मत होगा. अगर यह रोड नहीं बना तो अगली बार इस क्षेत्र की जनता इसका करारा जवाब देगी.
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