Buxar News: प्रभातफेरी के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक

Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 25 Apr 2025 9:26 PM

विज्ञापन

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया

विज्ञापन

बक्सर

. विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया. इस अवसर पर जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभात फेरी तो कहीं संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस क्रम में जिला मुख्यालय स्थित जीएनएम स्कूल सभागार में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया.

जिसमें जीएनएम के छात्र-छात्राओं को मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जागरूक किया गया. साथ ही, जीएनएम छात्र-छात्राओं ने रैली भी निकाली. इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सबकी होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया. साथ ही, उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया गया. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विनोद प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष “मलेरिया का अंत हमारे साथ पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जीवन” थीम पर विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है. जिसमें लोगों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय स्तरों पर कार्यक्रमों का अयोजित किए गए. उन्होंने कहा कि मलेरिया मुक्त समाज निर्माण और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। मलेरिया से निपटने के लिए उन्मूलन ही एकमात्र स्थायी तरीका है. जीवन बचाने के लिए मौजूदा उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करके और उन्मूलन के लिए नवीन दृष्टिकोण को आगे बढ़ाकर, हम दुनिया को इस रोकथाम योग्य, उपचार योग्य बीमारी से छुटकारा दिला सकते हैं.

दिमागी मलेरिया में तेज बुखार के साथ खून की कमी हो जाती है : जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है. मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है. इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है. कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है. फालसीपेरम मलेरिया (दिमागी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार के साथ खून की कमी हो जाती है. इसमें बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है और फेफड़े में सूजन हो जाती है. पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फालसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है. हालांकि, अब जिले के सभी प्रखंडों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी जांच की सुविधा है और मरीजों के लिए नि:शुल्क इलाज एवं दवा की व्यवस्था है.

लोगों को दी गयी मलेरिया से बचाव की जानकारी : वहीं, पुराना सदर अस्पातल परिसर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान अस्पताल में आए मरीजों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया. लोगों को बताया कि पूरे जिले को मलेरिया से मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य को आम लोगों की सहभागिता से ही प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए सभी अपने घरों व आस-पास पानी को इकट्ठा न होने दें.

साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. सभी मच्छर रुके हुये पानी में अंडे देते है. इसलिए रुके हुये पानी के स्थान को भर दें या कुछ बूंद मिट्टी के तेल जमा होने वाले पानी में डाल दें. ताकि मच्छरों के लार्वा नालियों और ठहरे पानी में पनपने ही न पाएं. मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें. सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं. मौके पर आशा कार्यकर्ता मालती देवी, पंकज कुमार, सदर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक प्रिंस कुमार सिंह, डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAVIRANJAN KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन