बक्सर कोर्ट. जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में एटीएम में एक से अधिक व्यक्ति का एक साथ उपस्थित होने को बड़ी सेवा में त्रुटि माना है. कोर्ट ने इस संबंध में विपक्षी स्टेट बैंक बक्सर शाखा एवं आइसीआइसीआइ बक्सर को को 5 लाख 16 हजार रुपये के अलावे 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति एवं 10 हजार रुपये बतौर बाद खर्च के साथ-साथ वर्ष 2017 से 6% सूद के साथ भुगतान करने का महत्वपूर्ण आदेश सुनाया. बताते चलें कि मुफस्सिल थाना के नदाव गांव के रहने वाले शालिग्राम दुबे ने पी रोड स्थित साहू कॉम्पलेक्स के एटीएम से 2 फरवरी 2016 को 10 हजार रुपये की निकासी किया था, लेकिन एटीएम में उसके पीछे खड़ा व्यक्ति ने आइ तकनीकी समस्या को दूर करने के बहाने परिवादी का एटीएम बदल दिया तथा उससे लाखों रुपये की निकासी एवं ऑनलाइन खरीदारी कर ली. परिवादी ने इसकी सूचना तत्काल विपक्षी बैंक को दिया था, लेकिन स्टेट बैंक ने खाते के निकासी पर रोक नहीं लगाया जिससे अभियुक्त लगातार निकासी करता रहा. इस तरह अभियुक्त ने परिवादी का 5,14, 990 की निकासी कर लिया. परिवादी का एक सेविंग खाता स्टेट बैंक की शाखा में था वही एटीएम आइसीआइसीआइ का था. उक्त मामले में परिवादी ने विपक्षियों के विरुद्ध जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पत्र दाखिल किया था जहां दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद विपक्षी की सेवा में बड़ी त्रुटि पाया गया. फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला उपभोक्ता आयोग वेद प्रकाश सिंह एवं राजीव कुमार सिंह की खंडपीठ ने विपक्षी स्टेट बैंक एवं आइसीसी को परिवादी के निकल गये 5,15,800 रुपये के अलावे 50 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति एवं 10 हजार रुपये वाद खर्च के साथ घटना की तिथि से 6% सूद के साथ वापस लौटने का आदेश सुनाया. न्यायालय ने उक्त आदेश के पालन के लिए 60 दिनों का समय दिया है, अवधि बीतने के बाद ब्याज की राशि 8% बढ़ जायेगी.
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